मार्च 2026 चंद्रग्रहण | सर्व इच्छा पूर्ति गुप्त स्तोत्रम् | रचयिता लेखरंजन | मनोकामना सिद्धि प्रयोग
Автор: उद्दंड मार्तंड 𝑼𝒅𝒅𝒂𝒏𝒅 𝑴𝒂𝒓𝒕𝒂𝒏𝒅
Загружено: 2026-03-02
Просмотров: 3978
Описание:
मार्च 2026 के पावन चंद्रग्रहण के अवसर पर प्रस्तुत है
“सर्व इच्छा पूर्ति गुप्त स्तोत्रम्”
यह स्तोत्र विशेष रूप से चंद्रग्रहण काल में जप करने हेतु सिद्ध किया गया है।
श्रद्धा और नियमपूर्वक जप करने से धन, आयु, आरोग्य, यश, सौभाग्य तथा मनोकामनाओं की सिद्धि प्राप्त होती है।
🔹 इस वीडियो में शामिल:
• ध्यान
• विनियोग
• करन्यास
• अंगन्यास
• फलश्रुति
🌕 चंद्रग्रहण काल में जप करने से विशेष फल प्राप्त होता है।
वीडियो को पूरा सुनें और श्रद्धापूर्वक जप करें।
🙏 यदि आपको यह स्तोत्र उपयोगी लगे तो Like, Share और Subscribe अवश्य करें।
📈
#ChandraGrahan2026
#ChandraGrahan
#SarvIchhaPurti
#GuptStotra
#ManokamnaSiddhi
#HinduMantra
#ChandraMantra
#SpiritualIndia
#VedicMantra
#Lekhranjan
__
सर्व इच्छा पूर्ति गुप्त स्तोत्रम्
ध्यानम्
श्वेताम्बरं शशिधरं शीतांशुं करुणानिधिम्।
सुधामण्डलमध्यस्थं शान्तं सोमं भजाम्यहम्॥
रजताभं दिव्यदेहं मुक्ताहार-विभूषितम्।
भक्ताभीष्टप्रदं देवं ध्यायेत् चन्द्रं मनोहरम्॥
विनियोगः
ॐ अस्य श्री-सर्व-इच्छा-पूर्ति-गुप्त-स्तोत्र-मन्त्रस्य
लेखरंजन ऋषिः।
अनुष्टुप् छन्दः।
श्री चन्द्रदेवता।
सर्वाभीष्ट-सिद्ध्यर्थं, विशेषतः मार्च २०२६ चंद्रग्रहण-काल-जपे विनियोगः॥
करन्यासः
ॐ सोमाय अङ्गुष्ठाभ्यां नमः।
ॐ शशधराय तर्जनीभ्यां नमः।
ॐ सुधाकराय मध्यमाभ्यां नमः।
ॐ निशाकराय अनामिकाभ्यां नमः।
ॐ चन्द्राय कनिष्ठिकाभ्यां नमः।
ॐ कलानाथाय करतलकरपृष्ठाभ्यां नमः॥
अङ्गन्यासः
ॐ सोमाय हृदयाय नमः।
ॐ शशधराय शिरसे स्वाहा।
ॐ सुधाकराय शिखायै वषट्।
ॐ निशाकराय कवचाय हुम्।
ॐ चन्द्राय नेत्रत्रयाय वौषट्।
ॐ कलानाथाय अस्त्राय फट्॥
स्तोत्रम्
चन्द्रः शीतांशुरमृतमयः करुणार्णवसागरः।
भक्तानां सर्वकामानां दाता शान्तिप्रदायकः॥
ग्रहणकाले जपेन्नित्यं श्रद्धया संयतात्मना।
तस्य सिद्धिर्भवेद् शीघ्रं नात्र कार्या विचारणा॥
धनं धान्यं यशः श्रीं च आयुरारोग्यमुत्तमम्।
विद्यां पुत्रान् सौभाग्यं च देहि मे शशिन प्रभो॥
रोगशोकविनाशाय दुःखदारिद्र्यनाशिने।
सर्वविघ्नप्रशमनं कुरु देव नमोऽस्तु ते॥
गुप्तमेतत् स्तोत्रवरं सर्वाभीष्टफलप्रदम्।
लेखरंजन-रचितं पुण्यं श्रद्धया यः पठेन्नरः॥
फलश्रुतिः
इदं स्तोत्रं पठेद् भक्त्या ग्रहणे च विशेषतः।
लेखरंजन-रचितं पुण्यं सर्वकामफलप्रदम्॥
आयुरारोग्यसम्पत्तिं धनधान्यविवृद्धये।
सौभाग्यं विजयम् श्रीं च लभते नात्र संशयः॥
ग्रहणकाले जपेन्नित्यं श्रद्धया संयतात्मना।
तस्य सर्वेषु कार्येषु सिद्धिर्भवति निश्चितम्॥
__
🌕 सर्व इच्छा पूर्ति गुप्त स्तोत्रम् – पाठ विधि
(मार्च २०२६ चंद्रग्रहण विशेष)
🔹 १. पूर्व तैयारी
प्रातः स्नान कर स्वच्छ (अधिमानतः श्वेत) वस्त्र धारण करें।
पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके आसन ग्रहण करें।
आसन कुश, ऊन या सफेद वस्त्र का हो तो उत्तम।
पूजन स्थल पर चंद्रदेव का चित्र/यंत्र स्थापित करें।
दीपक (घी का), धूप, अक्षत, श्वेत पुष्प अर्पित करें।
🔹 २. संकल्प
दाएँ हाथ में जल लेकर संकल्प करें —
“मम सर्वाभीष्ट-सिद्ध्यर्थं, विशेषतः चंद्रग्रहण-काल-विशेषे,
सर्व इच्छा पूर्ति गुप्त स्तोत्र पाठं करिष्ये।”
🔹 ३. जप क्रम
पहले ध्यान करें।
फिर विनियोग पढ़ें।
तत्पश्चात करन्यास एवं अंगन्यास करें।
उसके बाद सम्पूर्ण स्तोत्र का श्रद्धापूर्वक पाठ करें।
अंत में फलश्रुति पढ़कर प्रार्थना करें।
🔹 ४. माला एवं गणना
स्फटिक या रुद्राक्ष माला से १, ३, ५ या ११ माला जप करें।
चंद्रग्रहण के आरम्भ से मोक्ष तक जप विशेष फलदायी।
यदि संभव न हो तो कम से कम ११ बार पाठ करें।
🔹 ५. ग्रहण काल विशेष नियम
ग्रहण से पूर्व भोजन त्यागें (सूतिक काल का ध्यान रखें)।
ग्रहण मोक्ष के बाद स्नान करें।
श्वेत वस्त्र, चावल, दूध या दान देना शुभ।
🔹 ६. समापन प्रार्थना
“हे सोमदेव! मम सर्व इच्छाः पूर्णाः भवन्तु।
आयुरारोग्य-धन-धान्य-समृद्धिं देहि।”
✨ विशेष सुझाव
सोमवार, पूर्णिमा और चंद्रग्रहण का संयुक्त काल अत्यंत शुभ।
मन शुद्ध, वाणी संयमित और श्रद्धा पूर्ण रखें।
नकारात्मक विचारों से दूर रहें।
Повторяем попытку...
Доступные форматы для скачивания:
Скачать видео
-
Информация по загрузке: