Bhagavad Gita: क्यों है कर्म करना ज़रूरी? | कर्म का महत्व | Bhagwat Geeta Quotes
Автор: Bhagavad Gita Quotes : Daily New Story
Загружено: 2025-09-05
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भगवद गीता अध्याय 3, श्लोक 8 में श्रीकृष्ण अर्जुन को कर्म का गहन महत्व समझाते हैं—
🌿 श्लोक:
"नियतं कुरु कर्म त्वं कर्म ज्यायो ह्यकर्मणः।
शरीरयात्रापि च ते न प्रसिद्ध्येदकर्मणः॥"
👉 भावार्थ:
हे अर्जुन! अपने नियत कर्म (कर्तव्य) को करो।
क्योंकि कर्म करना अकर्म (कुछ न करना) से श्रेष्ठ है।
यहाँ तक कि शरीर की यात्रा भी बिना कर्म के संभव नहीं है।
✨ यह श्लोक हमें सिखाता है कि कर्म ही जीवन की धुरी है।
कर्म से ही जीवन चलता है, कर्म से ही आत्मा की उन्नति होती है।
कर्म छोड़कर बैठ जाना जीवन का उद्देश्य खो देना है।
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