महाकुंभ 2025 - अक्षयवट दर्शन के बिना प्रयाग यात्रा अधूरी | Tilak Patrika 🙏
Автор: Tilak Patrika
Загружено: 2025-02-19
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तीर्थराज प्रयागराज में संगम के नजदीक एक किला स्थित है। इसके भीतर लाखों वर्ष प्राचीन विशाल वटवृक्ष है, जिसे अक्षयवट के नाम से जाना जाता है । पुराणों के अनुसार भगवान श्री राम ने इसी वृक्ष के नीचे बैठकर विश्राम किया था। ब्रह्मा जी ने सृष्टि का भार हल्का करने के लिए अक्षयवट की स्थापना की थी। संगम में स्नान करने के बाद अक्षयवट के दर्शन करने से समस्त पुण्य अक्षय हो जाते हैं।
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