पंचगव्य : सारे रोगों की एक अचूक औषधि | Panchgavya the Medicine for all Diseases
Автор: Sant Shri Asharamji Ashram
Загружено: 2012-07-07
Просмотров: 140441
Описание:
पंचगव्य - सारे रोगों की एक अचूक औषधि (Panchgavya the Medicine for all Diseases)
परम पूज्य संत श्री आशारामजी बापू की अमृतवाणी
सत्संग के मुख्य अंश :
सूर्य केतु नाडी सिर्फ गाय में होने की वजह से गाय सूर्य की गो-किरण को शोषित करती है इससे गाय के दूध में सुवर्ण क्षार (antibiotic) पाया जाता है
ह्रदय कमजोर है तो २० ग्राम देशी गाय का घी गुनगुना करके नाश्ते की जगह पी ले तो नाडी तंत्र और ह्रदय के रोग दूर हो जायेगे
तेजस्वी, निरोग और प्रभावशाली होने के लिए पंचगव्य (देशी गाय का घी, दूध, दही, झरण, गोबर का रस) कुशोदक (कुशा में मंत्र पढकर पानी मिलाकर) पीये
पंचगव्य बनाने का तरीका - ८ भाग घी, १० भाग दूध, १० भाग दही, १० भाग कुशोदक, ८ भाग गो झरण, १ भाग गोमय,
ये मंत्र बोले - (Best as per listened)
यत त्वग गस्थं पापं देहे तिष्ठति मामकं |
प्रशांत पञ्चगव्यश्च दहति अग्निरिवेनधरं ||
मेरे शरीर मे, मन मे, हड्डियों तक में जो पाप रोग है इस पंचगव्य के पान से उसका शमन हो| ऐसा ३ बार बोले और खली पेट पिये इसके पश्चात कम से कम ३ घंटे तक कुछ न खाये |
ॐ नारायण नारायण का २१ बार जप करें, भगवान सूर्य का मन में ॐ ॐ करके ध्यान करें, फिर उस पंचगव्य को देखे और पी लें
अगर कोई न बना सके तो पञ्चगव्य कृत भी बनता है इसमें घी की मात्रा ज्यादा रहती है और सारी चीज़े वाष्पीभूत हो जाती है यह किसी भी रोगी को
कैसी भी बीमारी हो फायदा करती है
पंचगव्य के अलावा दुनिया में ऐसी कोई औषधि नही जो हर रोग में काम आये |
निरोग व्यक्ति पीने पर स्फुर्तिला और तेजस्वी हो जाता है
Watch FREE LIVE Webcast on Mangalmay TV Visit :
http://www.ashram.org/live
For More Information Visit :
http://www.ashram.org
Keywords :
Amritvani panchgavy aushadhi gay suryaketu nadi suvarn kshar hriday nadi tantra rogi rog tejasvi nirog sfurtila
Повторяем попытку...
Доступные форматы для скачивания:
Скачать видео
-
Информация по загрузке: