भगवान् कैसा है, उपनिषद् में उसे नेति-नेति क्यों लिखा है ? सत्यार्थ प्रकाश। आचार्य अंकित प्रभाकर
Автор: Prahari
Загружено: 2023-03-15
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प्रश्न – परमेश्वर अपना अन्त जानता है वा नहीं? जानता है तो अनन्त और जो नहीं जानता तो पूर्ण ज्ञानी नहीं?
उत्तर - परमात्मा पूर्ण ज्ञानी है। क्योंकि ज्ञान उसको कहते हैं कि जिससे ज्यों का त्यों पदार्थ जाना जाय। जब परमेश्वर अनन्त है तो उसको अनन्त ही जानना ज्ञान, और अनन्त को सान्त और सान्त को अनन्त जानना अज्ञान अर्थात् ‘भ्रम' कहाता है । 'यथार्थदर्शनं ज्ञानमिति' [तुलना - भ० गी० १३ ११] जो जैसा पदार्थ है, उस को वैसा ही जानना 'ज्ञान', उससे उलटा 'अज्ञान' है । इसलिये-
क्लेशकर्मविपाकाशयैरपरामृष्टः पुरुषविशेष ईश्वरः। योग सू० [समाधिपाद सू० २४]
जो अविद्यादि क्लेश, कुशल, अकुशल, इष्ट, अनिष्ट और मिश्र फलदायक कर्मों की वासना से रहित है, वह सब जीवों से विशेष 'ईश्वर' कहाता है।
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