Zn +2 लवण श्वेत हैं जबकि Ni+2 लवण नीले होते हैं क्यों, लैन्थेनाइड संकुचन क्या है?
Автор: District Admin & Education
Загружено: 2026-02-03
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Описание:
Zn²⁺ लवण श्वेत होते हैं जबकि Ni²⁺ लवण नीले होते हैं क्योंकि—
Zn²⁺ आयन का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास:
3
𝑑
10
3d
10
(पूर्ण भरा हुआ d-कक्षक)
इसलिए इसमें d–d संक्रमण नहीं होता, अतः यह रंगहीन/श्वेत दिखाई देता है।
Ni²⁺ आयन का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास:
3
𝑑
8
3d
8
इसमें d–d संक्रमण संभव होता है, जिससे दृश्य प्रकाश का अवशोषण होता है और लवण नीले रंग के दिखाई देते हैं।
लैन्थेनाइड संकुचन (Lanthanide Contraction)
लैन्थेनाइड श्रेणी में La (57) से Lu (71) तक परमाणु क्रमांक बढ़ने पर परमाणु एवं आयनिक त्रिज्या में क्रमशः कमी होती जाती है। इसी घटना को लैन्थेनाइड संकुचन कहते हैं।
कारण:
4f कक्षकों में इलेक्ट्रॉनों की कमजोर शील्डिंग प्रभाव के कारण नाभिकीय आकर्षण बढ़ जाता है, जिससे आकार घटता जाता है।
प्रभाव:
Zr और Hf के गुण लगभग समान होते हैं।
भारी संक्रमण तत्वों के आकार छोटे हो जाते हैं।
यौगिकों के गुणों में समानता बढ़ जाती है।
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