Shree Pashupatinath Mahima | First Sanskrit Bhajan | श्री पशुपतिनाथ महिमा (संस्कृत भजन)
Автор: sunil koirala
Загружено: 2026-02-24
Просмотров: 32
Описание:
[परिचय]
ॐ नमः शिवाय!
भगवान श्री पशुपतिनाथको महिमा र भक्तिमा समर्पित यो विशेष भजन यहाँहरू समक्ष प्रस्तुत गर्दछौं। यो संभवतः आधुनिक संगीतमा संस्कृत भाषामा रचना गरिएको पशुपतिनाथको पहिलो पूर्ण भजन हो। यस भजनले बागमतीको तटमा विराजमान देवाधिदेव महादेवको दिव्य स्वरूप र कृपाको वर्णन गर्दछ।
[शब्दकार]
सुनिल कुमार कोइराला
[भजनको भावार्थ (नेपालीमा)]
यस भजनमा भगवान पशुपतिनाथको महिमा गाइएको छ। उहाँ पवित्र बागमती नदीको किनारमा विराजमान हुनुहुन्छ र प्रत्येक कण-कणमा उहाँको वास छ। चार मुखमा चार वेद बोक्नुभएका उहाँ सृष्टिको सार हुनुहुन्छ। गलामा शेषनाग र मस्तकमा चन्दन धारण गर्नुभएका महादेवले हामीलाई भवसागरबाट पार गराउनुहुनेछ। हाम्रो घर र मनमा उहाँको प्रकाश रहोस् र श्मशानको भस्म लगाउने कैलाशवासी योगीले हाम्रो रक्षा गरून् भन्ने भाव यसमा समेटिएको छ।
संस्कृतमा उल्था गरेको एआइले
जयः पशुपतिनाथः… जय जय भोलेनाथः॥
पवित्रायाः बागमतीनद्याः तीरे विराजते भोलेनाथः।
कण-कणे शिवः त्वमेव सदा सह तिष्ठसि॥
जयः पशुपतिनाथः… जय जय भोलेनाथः॥
जयः पशुपतिनाथः… जय जय शिवशम्भुः॥
चतुर्मुखेषु चत्वारः वेदा, सृष्टेः त्वमेव सारः।
पशुपतेः चरणयोः नताः सर्वे जगत्स्थिताः॥
त्रिशूलधरः, डमरुधरः, शङ्खनादं घोषयसि॥
जयः पशुपतिनाथः… हर हर महादेवः॥
कण्ठे शेषनागः विराजते, मस्तके चन्दनाभरणम्।
भक्त्यै त्वदीयैव लभ्यते परमं दिव्यानन्दम्॥
पार्वतीपतिः, करुणासागरः, हे नीलकण्ठावतारः।
भवसागरात् पारं नय माम्, हे प्रभो जटाधरः॥
जयः पशुपतिनाथः… जय शम्भुः॥
बीजे त्वं, अङ्कुरे त्वं, सूर्यस्य प्रभातलालायाम्।
प्रत्येकस्मिन् हृदयस्पन्दने त्वमेव वससि, जीवनपात्रे॥
नेपालदेशस्य पवित्रधाम्नि, करुणया पश्यसि जगत्।
पशुपतिनाथस्य जयघोषः गुञ्जति ब्रह्माण्डे॥
जयः पशुपतिनाथः… जय शम्भुः॥
अस्माकं गृहाङ्गणे तव वासः सदा भवतु।
मनसः प्रत्येककोणे तव प्रकाशः सदा दृश्यताम्॥
सर्वे दुःखानि कष्टानि नश्यन्तु, शान्तिः गृहस्थले स्थाप्यताम्।
अस्मान् रक्ष प्रभो, शरणगृहीत्वा॥
शरीरे श्मशानभस्मविशालेषु संविष्टम्।
शिरसि वहति पावनं गङ्गाजलम्॥
कैलासवासिनः योगी, भोले सरलः॥
जयः पशुपतिनाथः… त्वमेव सत्यम्।
त्वमेव मम शान्तिः… त्वमेव परमधाम॥
हर हर महादेवः… शम्भुः॥
माथिको भजन हिन्दीमा यस प्रकार छ।
जय पशुपतिनाथ… जय जय भोलेनाथ॥
पवित्र बागमती नदीके तट पर विराजे भोलेनाथ,
कण-कण में शिव, तू ही रहते हो साथ ॥
जय पशुपतिनाथ… जय जय भोलेनाथ॥
जय पशुपतिनाथ… जय जय शिव शम्भू॥
चार मुखों में चारों वेद, सृष्टि का तू सार।
पशुपति के चरणों में, झुके सारा संसार॥
त्रिशूल-धारी, डमरु धारी बजाएँ सँखके हुंकार ।
जय पशुपतिनाथ… हर हर महादेव॥
गले में शेषनाग विराजे, मस्तक पर है चंदन।
तेरी भक्ति में ही मिलता, परम दिव्य आनंद॥
पार्वतीपति, करुणा के सागर, हे नीलकंठ अवतारि।
भवसागर से पार लगा दो, हे प्रभु जटाधारी॥
जय पशुपतिनाथ… जय शम्भू॥
बीज में तू है, अंकुर में तू, सूरज की लाली में।
हर धड़कन में तू ही बसा है, जीवन की प्याली में॥
नेपाल देशकी पावन धाममे , देखता करुणा से संसार।
पशुपतिनाथ की जय-जयकार, गूँज रहे हैं ब्रह्मांड पर॥
जय पशुपतिनाथ… जय शम्भू॥
हमारे घर के आँगन में, तुम्हारा वास हो।
मन के हर कोने में, तुम्हारा ही प्रकाश हो॥
दुःख कष्ट मिट जाएँ सारे, शांति छाए घर में।
हमारी रक्षा करना प्रभु, लेकर सरण में॥
शरीर पर मसान भस्म विशाल
सिर पर से बहती पावन गंगाजल
कैलाश वासी योगी, भोले सरल
जय पशुपतिनाथ… तुम ही सत्य हो।
तुम ही मेरी शांति हो… तुम ही अंतिम धाम…
हर हर महादेव… शम्भू…
#Pashupatinath #SanskritBhajan #Mahadev #ShivaBhajan #PashupatinathMahima #Nepal #Spirituality #LordShiva #DevotionalSong #SunilKumarKoirala #SanskritStotram
NepaliSadSong
#SadSong2026
#NewNepaliSong
#HeartTouchingSong
#NepaliLoveSong
#BreakupSongNepali
#EmotionalNepaliSong
#NarayanGopalStyle
#NepaliMusic
#OfficialNepaliSong
#YoGeetSunda
#NepaliSong2026
#LoveStorySong
#NepaliBreakupSong
#DukhaKoGeet
#NepaliGhazal
#ClassicNepaliSong
#NepaliHitSong
#NepaliEmotionalSong
#MostSadSong
#NepaliRomanticSong
Повторяем попытку...
Доступные форматы для скачивания:
Скачать видео
-
Информация по загрузке: