ycliper

Популярное

Музыка Кино и Анимация Автомобили Животные Спорт Путешествия Игры Юмор

Интересные видео

2025 Сериалы Трейлеры Новости Как сделать Видеоуроки Diy своими руками

Топ запросов

смотреть а4 schoolboy runaway турецкий сериал смотреть мультфильмы эдисон
Скачать

श्री हित चतुरासी जी पद- (13-24) श्री हित हरिवंश 🌸

Автор: Nikunj Chale

Загружено: 2025-12-29

Просмотров: 5479

Описание: 🌹जै जै श्री हित हरिवंश 🌹
Shri Hit Chaturasi Ji ✨
Subscribe 🌸

।।13।।
नन्द के लाल हरयौ मन मोर ।
हौं अपने मोतिन लर पोवत,
काँकर डारि गयौ सखि भोर ।।
बंक विलोकनि चाल छबीली,
रसिक शिरोमणि नन्द किसोर ।
कहि कैसे मन रहत श्रवण सुनि,
सरस मधुर मुरली की घोर ।।
इंदु गोविन्द वदन के कारण,
चितवन कौं भये नैंन चकोर ।
(जै श्री ) हित हरिवंश रसिक रस जुवती,
तू लै मिलि सखि प्राण अकोर ।।13।।

।।14।।
अधर अरुन तेरे कैसे कै दुराऊँ,
रवि शशि शंक भजन कियौ अपवस,
अध्बुध रंगन कुसुम बनाऊँ ।।
सुभ कौसेय कसिव कौस्तुभमणि,
पंकज-सुतन लेे अंगनि लुपाऊँ ।
हरषित इन्दु तजत जैसे जलधर,
सो भ्रम ढूँढि कहाँ हों पाऊँ ।।
अम्बुन दम्भ कछू नहीं व्यापत,
हिमकर तपै ताहि कैसे कैं बुझाऊँ ।
(जै श्री) हित हरिवंश रसिक नवरग पिय,
भृकुटि भौंह तेरे खंजन लराऊँ।।14।।

।।15।।
अपनी बात मोसौं कहि री भामिनी,
औंगी मौंगी रहति गरव की माती ।
हौं तोसौं कहत हारी, सुनिरी राधिका प्यारी,
निशि कौ रंग क्यों न कहत लजाती ।।
गलित कुसुम बैनी, सुनिरी सारग-नैंनी,
छूटी लट अचरा बदत अरसाती ।
अधर निरंग रँग रच्यौरी कपोलन,
जुवति चलति गजगति अरुझाती ।।
रहसि रमी छबीले, रसन बसन ढीले,
शिथिल कसनि कंचुकी उर राती ।।
सखी सौं सुनी श्रवन, वचन मुदित मन,
चलि हरिवंश भवन मुसिकाती ।।15।।

।16।।
आज मेरे कहे चलौ मृगनैंनी ।
गावत सरस जुवति मंडल में,
पिय सौं मिलैं भलें पिकबैंनी।।
परम प्रवीण कोक-विद्या में,
अभिनय निपुन लाग-गति लैनी ।
रूपरासि सुनि नवल किशोरी,
पल-पल घटत चाँदनी रैनी ।।
(जै श्री ) हित हरिवंश चली अति आतुर,
राधारवन सुरत सुख दैनी।
रहसि रभस आलिंगन चुम्बन,
मदन कोटि कुल भई कुचैनी ।16।।

।।17।।
आजु देखि ब्रज-सुन्दरी मोहन बनी केलि ।
अंस-अंस बाहु दै, किशोर जोर रूप रासि,
मनौ तमाल अरुझि रही सरस कनक बेलि ।।
नव निकुंज भ्रमर गुंज, मंजु घोष प्रेम पुंज,
गान करत मोर पिकनि अपने सुर सों मेलि ।
मदन मुदित अंग-अंग, बीच-बीच सुरत रंग,
पल-पल हरिवंश पिवत नैंन चषक झेलि।।17।।

।।18।।
सुनि मेरौ वचन छबीली राधा ।
तैं पायौ रससिंधु अगाधा ।।
तू वृषवानु गोप की बेटी ।
मोहनलाल रसिक हँसि भेटी ।।
जाहि बिरंचि उमापति नाये ।
तापै तैं वन-फूल बिनाये ।।
जो रस नेति नेति श्रुति भाख्यौ ।
ताकौ तैं अधर सुधारस चाख्यौ ।।
तेरौ रूप कहत नहिं आवै ।
(जै श्री) हित हरिवंश कछुक जस गावै ।।18।।

।। 19 ।।
खेलत रास रसिक ब्रज-मंडन ।
जुवतिन अंस दिये भुज दंडन ।।
सरद विमल नभ चन्द्र विराजै ।
मधुर-मधुर मुरली कल बाजै ।।
अति राजत घनश्याम तमाला ।
कंचन-बेलि बनी ब्रजबाला ।।
बाजत ताल मृदंग उपंगा ।
गान मथत मन कोटि अनंगा ।।
भूषण बहुत विविध रंग सारी ।
अंग सुघंग दिखावत नारी ।।
बरसत कुसुम मुदित सुरयोषा ।
सुनियत दिवि दुंदुभि कल घोषा ।।
(जै श्री) हित हरिवंश मगन मन श्यामा ।
राधारवन सकल सुख धामा ।। 19 ।।

।।20।।
मोहनलाल के रसमाती ।
वधू गुपत-गोवत कत मोसौं,
प्रथम नेह सकुचाती ।।
देखी सँभार पीत पट ऊपर,
कहाँ चूनरी राती ।
टूटी लर लटकत मोतिन की,
नख बिधु अंकित छाती ।।
अधर-बिंब खंडित मषि मंडित,
गंड चलति अरुझाती ।
अरुण नैंन घूमत आलस जुत,
कुसुम गलित लटपाती ।।
आजु रहसि मोहन सब लूटी,
विविध आपुनी थाती ।
(जै श्री) हित हरिवंश वचन सुनी भामिनि,
भवन चली मुसकाती ।।20।।

तेरे नैंन करत दोउ चारी ।
अति कुलकात समात नहीं
कहुँ मिले हैं कुंज विहारी ।।
विथुरी माँग कुसुम गिरि गिरि परैं,
लटकि रही लट न्यारी ।
उर नख रेख प्रकट देखियत हैं,
कहा दुरावति प्यारी ।।
परी है पीक सुभग गंडनि पर,
अधर निरँग सुकुमारी ।
(जै श्री) हित हरिवंश रसिकनी भामिनि,
आलस अँग अँग भारी ।।21।।

नैंननिं पर वारौं कोटिक खंजन ।
चंचल चपल अरुन अनियारे,
अग्र भाग बन्यौ अंजन ।।
रुचिर मनोहर बंक बिलोकनि,
सुरत समर दल गंजन ।
(जै श्री)हित हरिवंश कहत न बनै छबि,
सुख समुद्र मन रंजन ।। 22।।

राधा प्यारी तेरे नैंन सलोल ।
तौं निजु भजन कनक तन जोवन,
लियौ मनोहर मोल ।।
अधर निरंग अलक लट छूटी,
रंजित पीक कपोल ।
तूँ रस मगन भई नहिं जानत,
ऊपर पीत निचोल ।।
कुच जुग पर नख रेख प्रकट मानौं,
संकर सिर ससि टोल ।
(जै श्री) हित हरिवंश कहत कछू भामिनि,
अति आलस सौं बोल ।। 23 ।।

आजु गोपाल रास रस खेलत,
पुलिन कलपतरु तीर री सजनी ।
सरद विमल नभ चंद विराजत,
रोचक त्रिविध समीर री सजनी ।।
चंपक बकुल मालती मुकुलित,
मत्त मुदित पिक कीर री सजनी ।
देसी सुघंग राग रँग नीकौ,
ब्रज जुवतिनु की भीर री सजनी ।।
मघवा मुदित निसान बजायौ,
व्रत छाँड़यौ मुनि धीर री सजनी ।
(जै श्री)हित हरिवंश मगन मन स्यामा,
हरति मदन घन पीर री सजनी ।। 24 ।।

Не удается загрузить Youtube-плеер. Проверьте блокировку Youtube в вашей сети.
Повторяем попытку...
श्री हित चतुरासी जी पद- (13-24) श्री हित हरिवंश 🌸

Поделиться в:

Доступные форматы для скачивания:

Скачать видео

  • Информация по загрузке:

Скачать аудио

Похожие видео

श्रीहित चौरासी पद गान (24-36) ✨ महाराज जी के श्रीमुख वाणी से अमृतमयी भक्ति 🙏 #Vrindavan #HitChaurasi

श्रीहित चौरासी पद गान (24-36) ✨ महाराज जी के श्रीमुख वाणी से अमृतमयी भक्ति 🙏 #Vrindavan #HitChaurasi

श्री हित चतुरासी जी (पद 1-12) श्री हित हरिवंश 🌸

श्री हित चतुरासी जी (पद 1-12) श्री हित हरिवंश 🌸

Phoolon mein Saj Rahe se Vrindavan Bihari#Vrindavan #Bihari #Krishna #bhjan #song editor varun yadav

Phoolon mein Saj Rahe se Vrindavan Bihari#Vrindavan #Bihari #Krishna #bhjan #song editor varun yadav

Note To Self | Bhori Sakhi के पद | Prem Ki Peer | Jamming Session 83

Note To Self | Bhori Sakhi के पद | Prem Ki Peer | Jamming Session 83

कृष्णाय वासुदेवाय हरये  परमात्मने ।Krishnay Vasudevay Mantr | Krishn Mantr @yogirajmanoj

कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने ।Krishnay Vasudevay Mantr | Krishn Mantr @yogirajmanoj

PARAM PAWAN SHRI HIT CHAURASI JI VANI | SHRI HIT HARIVANSH JI MAHAPRABHU | RADHA RADHA RADHA

PARAM PAWAN SHRI HIT CHAURASI JI VANI | SHRI HIT HARIVANSH JI MAHAPRABHU | RADHA RADHA RADHA

प्रिया जू और लाल जू नामावली with Lyrics | Priya Ju aur Laal Ju Namavali | Premanand Ji Maharaj

प्रिया जू और लाल जू नामावली with Lyrics | Priya Ju aur Laal Ju Namavali | Premanand Ji Maharaj

श्री हित 84 जी की ऐसी अदभुत व्याख्या 😍 श्री इंद्रेश जी द्वारा..!

श्री हित 84 जी की ऐसी अदभुत व्याख्या 😍 श्री इंद्रेश जी द्वारा..!

Shree Hit Chaurasi Ji with Lyrics & meaning | श्री हित चतुरासीजी |श्री हित चौरासी फलश्रुति वाणी पाठ

Shree Hit Chaurasi Ji with Lyrics & meaning | श्री हित चतुरासीजी |श्री हित चौरासी फलश्रुति वाणी पाठ

Shri Hit Chaturasi Ji (Samuhik Gayan)

Shri Hit Chaturasi Ji (Samuhik Gayan)

भव्य कुंज में श्रीजी का मनोरम श्रृंगार दर्शन और आनंदमय राधा नाम कीर्तन // 12/04/24

भव्य कुंज में श्रीजी का मनोरम श्रृंगार दर्शन और आनंदमय राधा नाम कीर्तन // 12/04/24

!! हित चौरासी पद गायन, सिनुय महाराज जी के मुख से!! 🌸🌸🙏 पद संखिया  एक से बारा तक (1-12) तक

!! हित चौरासी पद गायन, सिनुय महाराज जी के मुख से!! 🌸🌸🙏 पद संखिया एक से बारा तक (1-12) तक

श्रीजी का अद्भुत झूलन दर्शन  एवं पूज्य महाराज जी के आनंदमय दर्शन // 05/05/24

श्रीजी का अद्भुत झूलन दर्शन एवं पूज्य महाराज जी के आनंदमय दर्शन // 05/05/24

Hit Chaurasi Ji 1-84 | हिन्दी Lyrics सम्पूर्ण पद गायन | श्री हित चतुरासी जी 1-84

Hit Chaurasi Ji 1-84 | हिन्दी Lyrics सम्पूर्ण पद गायन | श्री हित चतुरासी जी 1-84

श्रीहित चौरासी पद गान (12-24) ✨ महाराज जी के श्रीमुख वाणी से अमृतमयी भक्ति 🙏 #Vrindavan #HitChaurasi

श्रीहित चौरासी पद गान (12-24) ✨ महाराज जी के श्रीमुख वाणी से अमृतमयी भक्ति 🙏 #Vrindavan #HitChaurasi

श्री हित हरिवंश महाप्रभु चरित्र कथा । Indresh Upadhyay Katha

श्री हित हरिवंश महाप्रभु चरित्र कथा । Indresh Upadhyay Katha

प्रिया जू और लाल जू की नामावली

प्रिया जू और लाल जू की नामावली

जय जय राधा वल्लभ श्री हरिवंश नाम संकीर्तन @RajendraDasjiMaharaj #radhavallabh #vrindavan #bhajanmarg

जय जय राधा वल्लभ श्री हरिवंश नाम संकीर्तन @RajendraDasjiMaharaj #radhavallabh #vrindavan #bhajanmarg

श्रीहित चौरासी पद गान (1-12) ✨ महाराज जी के श्रीमुख वाणी से अमृतमयी भक्ति 🙏 #Vrindavan #HitChaurasi

श्रीहित चौरासी पद गान (1-12) ✨ महाराज जी के श्रीमुख वाणी से अमृतमयी भक्ति 🙏 #Vrindavan #HitChaurasi

हिंदी Lyrics के साथ संगीतमय श्री हित चतुरासी जी (Chaturasi Ji) का सामूहिक गायन - राधा केलि कुँज

हिंदी Lyrics के साथ संगीतमय श्री हित चतुरासी जी (Chaturasi Ji) का सामूहिक गायन - राधा केलि कुँज

© 2025 ycliper. Все права защищены.



  • Контакты
  • О нас
  • Политика конфиденциальности



Контакты для правообладателей: [email protected]