ycliper

Популярное

Музыка Кино и Анимация Автомобили Животные Спорт Путешествия Игры Юмор

Интересные видео

2025 Сериалы Трейлеры Новости Как сделать Видеоуроки Diy своими руками

Топ запросов

смотреть а4 schoolboy runaway турецкий сериал смотреть мультфильмы эдисон
Скачать

PARAM PAWAN SHRI HIT CHAURASI JI VANI | SHRI HIT HARIVANSH JI MAHAPRABHU | RADHA RADHA RADHA

Автор: Apaar Gyaan-अपार ज्ञान

Загружено: 2026-01-16

Просмотров: 502

Описание: जोई-जोई प्यारौ करै सोई मोहि भावै,
भावै मोहि जोई सोई-सोई करै प्यारे ।
मोकों तो भावती ठौर प्यारे के नैंनन में,
प्यारौ भयौ चाहै मेरे नैंनन के तारे ।।
मेरे तन मन प्राण हूँ ते प्रीतम प्रिय,
अपने कोटिक प्राण प्रीतम मोंसों हारे ।
जय श्रीहित हरिवंश हंस-हंसिनी साँवल-गौर,
कहौ कौन करै जल-तरंगनी न्यारे ।।1।।

।।2।।
प्यारे बोली भामिनी आजु नीकी जामिनी,
भेंट नवीन मेघ सों दामिनी ।
मोहन रसिक-राइरी माई,
तासौं जु-मान करै, ऐसी कौन कामिनी ।
(जै श्री) हित हरिवंश श्रवण सुनत प्यारी,
राधिका रवन सों मिली गज-गामिनी ।।2।।

।।3।।
प्रात समय दोऊ रस लंपट,
सूरत-जुद्ध जय-जुत अति फूल ।
श्रम वारिज घनविन्दु वदन पर,
भूषण अंगहि अंग विकूल ।।
कछु रह्यौ तिलक शिथिल अलकावलि,
वदन कमल मानौं अलि भूल ।
(जै श्री) हित हरिवंश मदन-रंग रँगि रहे,
नैंन बैंन कटि शिथिल दुकूल ।।3।।

।।4।।
आजु तौ जुवति तेरौ, वदन आनन्द भरयौ,
पिय के संगम के सूचत सुख चैंन ।
आलस-वलित बोल, सुरंग रँगे कपोल,
विथकित अरुण उनींदे दोऊ नैंन ॥
रुचिर तिलक-लेश, किरत कुसुम-केश,
सिर सीमंत भूषित मानौं तैं न ।
करुणाकर उदार, राखत कछु न सार,
दसन-वसन लागत जब देंन ॥
काहे कौं दुरत भीरु, पलटे प्रीतम चीर,
बस किये श्याम सिखै सत मैंन ।
गलित उरसि माल, सिथिल किंकिनी जाल,
(जै श्री) हित हरिवंश लता-गृह सैंन।।4।।

।।5।।
आजु प्रभात लता-मंदिर में,
सुख बरसत अति हरषि युगल वर ।
गौर श्याम अभिराम रंगभरे,
लटकि-लटकि पग धरत अवनि पर ॥
कुच-कुमकुम रंजित मालावलि,
सुरत नाथ श्रीश्याम धाम घर ।
प्रिया प्रेम के अंक अलंकृत,
चित्रित चतुर-शिरोमणि निजकर ॥
दम्पति अति अनुराग मुदित कल,
गान करत मन हरत परस्पर ।
(जैश्री) हित हरिवंश प्रशंस-परायण,
गायन अलि सुर देत मधुर तर ।।5।।

।।6।। ( राग विभास )
कौन चतुर जुवती प्रिया,
जाहि मिलन लाल चोर है रैन ।
दुरवत क्यों अब दूरै सुनि प्यारे,
रंग में गहले चैन में नैन ।।
उर नख चंद विराने पट,
अटपटे से बैन ।
(जै श्री) हित हरिवंश रसिक
राधापति, प्रमथीत मैन ।।6।।

।।7।।
आजु निकुंज मंजु में खेलत,
नवल किशोर नवीन किशोरी ।
अति अनुपम अनुराग परस्पर,
सुनि अभूत भूतल पर जोरी ।।
विद्रुम फटिक विविध निर्मित धर,
नव कर्पूर पराग न थोरी ।
कौमल किसलय सयन सुपेसल,
तापर श्याम निवेसित गोरी ।।
मिथुन हास-परिहास परायण,
पीक कपोल कमल पर झोरी ।
गौर श्याम भुज कलह मनोहर,
नीवी-बंधन मोचत डोरी ।।
हरि-उर-मुकुर विलोकि अपनपौ,
विभ्रम विकल मान-जुत भोरी ।
चिबुक सुचारु प्रलोइ प्रबोधत,
पिय-प्रतिबिंब जनाय निहोरी ।।
नेति-नेति बचनामृत सुनि-सुनि,
ललितादिक देखत दुरि चोरी ।
(जै श्री) हित हरिवंश करत कर धूनन,
प्रणयकोप मालावलि तोरी ।।7।।

।।8।
अति ही अरुन तेरे नैन नलिन री ।
आलस जुत इतरात रंगमगे,
भये निशि जागर मषिन मलिन री ।।
शिथिल पलक में उठत गोलक गति,
बिंध्यौ मोहन मृग सकत चलि न री ।
(जै श्री)हित हरिवंश हंस कल गामिनि,
संभ्रम देत भ्रमरनि अलिन री ।।8।।

।।9।। ( सारंग )
बनी श्रीराधा मोहन जू की जोरी ।
इंद्रनीलमणि श्याम मनोहर,
सातकुम्भ तनु गोरी ।।
भाल बिशाल तिलक हरि कामिनी,
चिकुर चन्द्र बिच रोरी ।
गज-नायक प्रभु चाल गयंदनी,
गति बृषभानु किसोरी ।।
नील निचोल जुवती, मोहन पट,
पीत अरुन सिर खोरी.
( जै श्री ) हित हरिवंश रसिक राधापति,
सूरत रंग में बोरी ।।9।।

।।10।। ( सारंग )
आजु नागरी-किशोर, भाँवती विचित्र जोर,
कहा कहौं अंग-अंग परम माधुरी ।
करत केलि कंठ मेलि, बाहुदंड, गंड – गंड,
परस, सरस रास लास मंडली जुरी ।।
श्या- सुन्दरी बिहार, बाँसुरी मृदंग तार,
मधुर घोष नूपुरादि किंकिनी चुरी ।
(जै श्री) देखत हरिवंश आलि, निर्तनी सुघंग चाल,
वारी फेरी देत प्राण देह सौं दुरी ।।10।।

।।11।।
मंजुल कल कुंज देश, हरि विशद वेश,
राका नभ कुमुद – बंधु, शरद जामिनी ।
साँवल दुति कनक अंग, बिहरत मिलि एक संग,
नीरद मनौ नील मध्य, लसत दामिनी ।।
अरुण पीत नव दुकुल, अनुपम अनुराग मूल,
सौरभयुत सीत अनिल, मंद गामिनी ।
किसलय दल रचित शैन, बोलत पिय चाटु बैंन,
मान सहित प्रतिपद, प्रतिकूल कामिनी ।।
मोहन मन मथत मार, परसत कुच-नीवी-हार,
वेपथयुत नेति नेति, बदति भामिनी ।।
नरवाहन प्रभु सुकेलि, बहुविधि भर भरत झेलि,
सौरत रस रूप नदी जगत पावनी ।।11।।

।।12।।
चलहि राधिके सुजान, तेरे हित सुख निधान,
रास रच्यौ श्याम तट कलिंद-नन्दिनी ।
निर्तत युवती समूह, राग रंग अति कुतूह,
बाजत रसमूल मुरलिका अनन्दिनी ।
वंशीवट निकट जहाँ, परम रमणि भूमि तहाँ,
सकल सुखद मलय बहै वायु मन्दिनी ।
जाती ईषद विकास, कानन अतिसय सुवास,
राका निशि शरद मास, विमल चन्दिनी ।।
नरवाहन प्रभु निहारि, लोचन भरि घोष-नारि,
नख-सिख सोन्दर्य काम-दुख-निकन्दिनी ।
विलसहु भुज ग्रीव मेलि, भामिनि सुख-सिन्धु झेलि,
नव निकुंज श्याम केलि जगत वन्दिनी ।।12।।

।।13।।
नन्द के लाल हरयौ मन मोर ।
हौं अपने मोतिन लर पोवत,
काँकर डारि गयौ सखि भोर ।।
बंक विलोकनि चाल छबीली,
रसिक शिरोमणि नन्द किसोर ।
कहि कैसे मन रहत श्रवण सुनि,
सरस मधुर मुरली की घोर ।।
इंदु गोविन्द वदन के कारण,
चितवन कौं भये नैंन चकोर ।
(जै श्री ) हित हरिवंश रसिक रस जुवती,
तू लै मिलि सखि प्राण अकोर ।।13।।

।।14।।
अधर अरुन तेरे कैसे कै दुराऊँ,
रवि शशि शंक भजन कियौ अपवस,
अध्बुध रंगन कुसुम बनाऊँ ।।
सुभ कौसेय कसिव कौस्तुभमणि,
पंकज-सुतन लेे अंगनि लुपाऊँ ।
हरषित इन्दु तजत जैसे जलधर,
सो भ्रम ढूँढि कहाँ हों पाऊँ ।।
अम्बुन दम्भ कछू नहीं व्यापत,
हिमकर तपै ताहि कैसे कैं बुझाऊँ ।
(जै श्री) हित हरिवंश रसिक नवरग पिय,
भृकुटि भौंह तेरे खंजन लराऊँ।।

Radha vallabh shri hit harivansh mahaprabhu ji vani shri hit chaurasi ji
Premanand ji maharaj
Shri hit chaturasi ji nit vani path

Не удается загрузить Youtube-плеер. Проверьте блокировку Youtube в вашей сети.
Повторяем попытку...
PARAM PAWAN SHRI HIT CHAURASI JI VANI | SHRI HIT HARIVANSH JI MAHAPRABHU | RADHA RADHA RADHA

Поделиться в:

Доступные форматы для скачивания:

Скачать видео

  • Информация по загрузке:

Скачать аудио

Похожие видео

Shri Hit Chaturasi ji hita vani by Hita Harivansh Mahaprabhu

Shri Hit Chaturasi ji hita vani by Hita Harivansh Mahaprabhu

Hit Chaurasi Ji 1-84 | हिन्दी Lyrics सम्पूर्ण पद गायन | श्री हित चतुरासी जी 1-84

Hit Chaurasi Ji 1-84 | हिन्दी Lyrics सम्पूर्ण पद गायन | श्री हित चतुरासी जी 1-84

दिव्य मंगला आरती।Divya Mangla Arti@vijaysakha09

दिव्य मंगला आरती।Divya Mangla Arti@vijaysakha09

राधा नाम | 11000 बार | Radha Naam | Jamming Session 65 | Bhajan Marg Blog

राधा नाम | 11000 बार | Radha Naam | Jamming Session 65 | Bhajan Marg Blog

⚡️ Кремль экстренно созвал Совбез || Путин принимает условия США

⚡️ Кремль экстренно созвал Совбез || Путин принимает условия США

Live Darshan- 16/01/2026 Shree Radhavallabh Ji Temple Vrindavan

Live Darshan- 16/01/2026 Shree Radhavallabh Ji Temple Vrindavan

Нежная музыка, успокаивает нервную систему и радует душу 🌿 лечебная музыка для сердца и сосудов #83

Нежная музыка, успокаивает нервную систему и радует душу 🌿 лечебная музыка для сердца и сосудов #83

Bhakt Namavali - भक्तनि की नामावली, जो सुनि है चित लाइ । ताके भक्ति बढ़े घनी, अरु हरि होंइ सहाइ ।।

Bhakt Namavali - भक्तनि की नामावली, जो सुनि है चित लाइ । ताके भक्ति बढ़े घनी, अरु हरि होंइ सहाइ ।।

जय जय राधावल्लभ श्री हरिवंश संकीर्तन || Non Stop Peacefully Kirtan || Malook Peeth Maharaj Ji

जय जय राधावल्लभ श्री हरिवंश संकीर्तन || Non Stop Peacefully Kirtan || Malook Peeth Maharaj Ji

Звуки птиц и расслабляющая музыка для глубокого сна, снятия стресса и спокойного оздоровления.

Звуки птиц и расслабляющая музыка для глубокого сна, снятия стресса и спокойного оздоровления.

LIVE Now: प्रेमानंद जी महाराज का आज का प्रवचन | 📅 22 जनवरी 2026

LIVE Now: प्रेमानंद जी महाराज का आज का प्रवचन | 📅 22 जनवरी 2026

Shri Hit Chaturasi Ji (Samuhik Gayan)

Shri Hit Chaturasi Ji (Samuhik Gayan)

1 Hour+ Jai Radha Madhav Kirtan - जय राधा माधव - Radha Krishna Dhun राधा कृष्णा कीर्तन #lofibhajans‬

1 Hour+ Jai Radha Madhav Kirtan - जय राधा माधव - Radha Krishna Dhun राधा कृष्णा कीर्तन #lofibhajans‬

ВОССТАНОВЛЕНИЕ НЕРВНОЙ СИСТЕМЫ 🌿 Нежная музыка, успокаивает нервную систему и радует душу #16

ВОССТАНОВЛЕНИЕ НЕРВНОЙ СИСТЕМЫ 🌿 Нежная музыка, успокаивает нервную систему и радует душу #16

LIVE: पूज्य महाराज जी का अमृतमय सत्संग । #premanandjimaharaj #ekantikvartalaap 21-01-2026

LIVE: पूज्य महाराज जी का अमृतमय सत्संग । #premanandjimaharaj #ekantikvartalaap 21-01-2026

Че-то Трамп недо-Давос-ил там...

Че-то Трамп недо-Давос-ил там...

Non Stop Beautiful Krishna Bhajans | कृष्ण भजन | Bhajan Songs | Kanha Ji Ke Bhajan | Krishna Songs

Non Stop Beautiful Krishna Bhajans | कृष्ण भजन | Bhajan Songs | Kanha Ji Ke Bhajan | Krishna Songs

राधावल्लभ श्री हरिवंश नाम धुनि | Radhavallabh Shri harivansh Jap | Premanand Ji Maharaj

राधावल्लभ श्री हरिवंश नाम धुनि | Radhavallabh Shri harivansh Jap | Premanand Ji Maharaj

Музыка лечит сердце и сосуды🌸 Успокаивающая музыка восстанавливает нервную систему,расслабляющая

Музыка лечит сердце и сосуды🌸 Успокаивающая музыка восстанавливает нервную систему,расслабляющая

रसिक नामावली रसमय गायन // 18-11-24

रसिक नामावली रसमय गायन // 18-11-24

© 2025 ycliper. Все права защищены.



  • Контакты
  • О нас
  • Политика конфиденциальности



Контакты для правообладателей: [email protected]