संपूर्ण हरदेव वाणी -45,46,47,48
Автор: Andhkar se prakash
Загружено: 2026-02-04
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discription:संपूर्ण हरदेव बानी (Sampurna Hardev Bani), निरंकारी बाबा हरदेव सिंह जी द्वारा रचित दिव्य वचनों, भजनों और गीतों का एक पवित्र संग्रह है, जो प्रेम, भक्ति, मानवता और ईश्वर के प्रति समर्पण का संदेश देता है। यह 2017 में प्रकाशित हुई थी और इसमें सतगुरु के प्रति प्रेम और ईश्वर के साक्षात दर्शन (निरंकार) का वर्णन है।
संपूर्ण हरदेव बानी की प्रमुख विशेषताएँ:
भक्ति और प्रेम: इसमें मानवता और प्रेम के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी गई है, जिसमें 'एक तू ही निरंकार' की धारणा प्रधान है।
lyrics:ज्ञान की इक चिंगारी सारे पापों को ही भस्म करे।
जो अज्ञान के साथ जुड़े हैं उन भ्रमों को ख़त्म करे।
केवल पढ़ने से क्या होगा सत्य प्रभु को जानो तुम।
यदि जान जाओ तो सच्चे मन से इसको मानो तुम।
सर्वश्रेष्ठ ये निरंकार है हरदम ये अहसास रहे।
इसका ही आधार है लेना इस पर ही विश्वास रहे।
यहां वहां न ध्यान ये भटके इस पर ही बस टिका रहे।
कहे ‘हरदेव’ सदा हृदय में ज्ञान गुरु का बसा रहे।
नहीं है दूरी प्रभु से कोई बस अज्ञान की दूरी है।
प्रभु से दूर बनाती तुझको तेरी ही मग़रूरी है।
कैसे दूर हो सकता जो हाज़िर नाज़िर रहता है।
भटक रहा है अंधियारे में इसे दूर जो कहता है।
ज्ञान की जिसको नज़र मिली वो देखे इसको अंग संग में।
इसमें खोकर इसका होकर रंग जाता इसके रंग में।
प्रभु को जो जाने है उसकी बात को बन्दे मान ज़रा।
कहे ‘हरदेव’ कि कण कण वासी रमे राम को जान ज़रा।
सत्गुरु के विश्वास की ज्योति जगी हुई है जिस मन में।
इसमें कुछ सन्देह नहीं कि ज्ञान ठहरता उस मन में।
सत्गुरु पर ईमान पूरा जिसका भी टिक जायेगा।
निरंकार के होने का अहसास वही कर पायेगा।
रहबर पर विश्वास अगर है राही मंज़िल पाता है।
वरना ठोकर ही मिलती है राह भटकता जाता है।
मानव तन में आकर सत्गुरु माया में विचरता है।
बीच हमारे रहता बातें हम जैसी ही करता है।
इस निर्गुण इस निरंकार को मुश्किल नहीं है जानना।
है इतना आसान नहीं पर सत्गुरु को पहचानना।
जो सत्गुरु का बन जाता है उसका ये निरंकार बने।
कहे ‘हरदेव’ कि मुक्ति का भी बन्दा वो हक़दार बने।
हे परमेश्वर हे जगदीश्वर तेरा ही हम शुकर करें।
दया निधि करुणा के सागर तेरा ही हम शुकर करें।
तूने दी ये कंचन काया तेरा ही हम शुकर करें।
तूने ही ये रूप सजाया तेरा ही हम शुकर करें।
दूध दिया दे रहा है भोजन तेरा ही हम शुकर करें।
कर रहा है लालन पालन तेरा ही हम शुकर करें।
सांसें आती जाती तुझसे तेरा ही हम शुकर करें।
धड़कनें चल पाती तुझसे तेरा ही हम शुकर करें।
निर्बल की पत रखने वाले तेरा ही हम शुकर करें।
सबके अवगुण ढकने वाले तेरा ही हम शुकर करें।
बहुत दिया है तूने दाता तेरा ही हम शुकर करें।
कहे ‘हरदेव’ हे भाग्य विधाता तेरा ही हम शुकर करें।
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