लाखों में कोई समझे नहीं, कोटिन में कोई एक।कहे कबीर सुनो भाई साधो, बिरला हंस विवेक॥
Автор: मूलज्ञान कबीर साहेब
Загружено: 2026-02-10
Просмотров: 617
Описание:
लाखों में कोई समझ नहीं पाता…
कोटि में भी कोई एक ही पहचानता है।
संत वाणी हमेशा सबके सामने होती है, लेकिन उसे समझने वाला “बिरला हंस” ही होता है।
सतगुरु वही है जो सार शब्द का ज्ञान देता है — जहाँ अक्षर खत्म होते हैं, वहीं से असली राह शुरू होती है।
इस वीडियो में जानिए कबीर साहिब की गहरी वाणी का सच्चा भाव और सतगुरु की पहचान।
अगर आप भी सत्य की खोज में हैं, तो यह संदेश आपके लिए है।
🙏 सतनाम | सतगुरु की महिमा अपार
#KabirVani #Satguru #NitinSahib #SaarShabd #SantVani #SpiritualKnowledge #Bhakti #Satnam
Повторяем попытку...
Доступные форматы для скачивания:
Скачать видео
-
Информация по загрузке: