मोहनखेड़ा।बाबा बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा सनातनियों को एक होना होगा
Автор: SKP live news
Загружено: 2026-02-02
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धार जिले के मोहनखेड़ा तीर्थ पर बाबा बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री लगभग छह घंटे देरी से मोहनखेड़ा जैन तीर्थ पहुंचे यहां पर पहुंचकर सबसे पहले जैन तीर्थ में दादा गुरुदेव के दर्शन किये उनका स्वागत मोहनखेड़ा तीर्थ के ट्रस्टीयों ने किया
सरदारपुर विधायक प्रताप ग्रेवाल ने बाबा बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री का स्वागत किया।
विधायक प्रताप ग्रेवाल कार्यक्रम में शामिल हुए
फिर वह मंचीय कार्यक्रम में पहुंचे उनकी शानदार एंट्री सिहांसन पर बैठे हुए हुई मुंबई के मोहनखेड़ा तीर्थ के ट्रस्टी जो कि इस कार्यक्रम के आयोजकों थे ने परिवार सहित स्वागत किया तत्पश्चात जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि चिल गाड़ी नहीं उड़ी इसलिए देरी से पहुंचा हु।
वही उनके साथ अयोध्या के हनुमान गढ़ी के राजू महाराज भी साथ में पहुंचे।
उन्होंने कहा कि परमात्मा खो जाने से प्राप्त होते हे में भीतर गया तो में तर गया ।
वह अपनी विशिष्ट हास्य शैली के प्रवचन से लोगों को गुदगुदाते रहे।
भारी तादाद में लोग उन्हें सुनने के लिए पहुंचे।
उन्होंने हिंदू राष्ट्र बनाने की बात कही उन्होंने कहा कि जैन और हिंदू दोनों एक ही है कट्टर हिंदू कोई है तो वह जैन ही है।
धार से रेणु अग्रवाल
"कहीं मशीन अटक न जाए": मोहनखेड़ा में हाइड्रोलिक सिंहासन पर बैठकर बोले जब बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री,चिलगाड़ी छोड़ कार से पहुँचे मोहनखेड़ा*
राजगढ़ (धार): मालवा के सुप्रसिद्ध जैन तीर्थ मोहनखेड़ा में आज उस समय हँसी के फव्वारे छूट पड़े,जब बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मंच पर लगे विशेष हाइड्रोलिक सिंहासन पर बैठकर चुटकी ली। शास्त्रीजी ने अपने चिरपरिचित अंदाज में कहा, "भैया, इस मशीन पर बैठकर हमें ये डर लग रहा था कि कहीं ये बीच में ही न रुक जाए। अगर मशीन अटक जाती तो न्यूज़ वाले खबर चलाते कि दुनिया का पर्चा खोलने वाले का खुद का पर्चा अटक गया।" उनके इस चुटीले अंदाज ने हजारों की संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं का दिल जीत लिया।
मोहनखेड़ा तीर्थ में जैन संतों से की भेंट
विशेष बात यह रही कि शास्त्रीजी हेलीकॉप्टर (चिलगाड़ी) के बजाय इंदौर से सड़क मार्ग यानी कार द्वारा मोहनखेड़ा पहुँचे। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि जो हेलीकॉप्टर ठीक से पंखा न चलाए,उससे हमें डर लगता है। तीर्थ में प्रवेश करते ही उन्होंने सबसे पहले भगवान आदिनाथ के चरणों में शीश नवाया और वहां मौजूद जैन साधु-साध्वियों से आत्मीय भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि आदिनाथ प्रभु के दर्शन कर उनका मन अह्लादित हो गया है और यह पावन भूमि ऊर्जा का केंद्र है।
मंच पर हनुमानगढ़ी अयोध्या के महंत राजूदास जी महाराज, मलूक पीठ के आचार्य रोहित रिछारिया और बटुक जी महाराज सहित देशभर के अन्य संत भी शामिल हुए।
पाकिस्तान वाली टिप्पणी और भव्य स्वागत
मंच पर पहुँचते ही गुरुजी का स्वागत जोरदार आतिशबाजी से हुआ, जिस पर उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि इतने पटाखे अगर बॉर्डर पर चला देते तो पाकिस्तान भी हिल जाता। कार्यक्रम में गायक बृजेश शांडिल्य और भजन गायक अमित धुर्वे की प्रस्तुतियों ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। गुरुजी ने क्षेत्र में गौ-सेवा की अलख जगाने वाले संत कमलकिशोर नागर जी महाराज का भी विशेष उल्लेख किया।
1500 से अधिक पुलिसकर्मी सुरक्षा में तैनात रहे।
मीडिया से चर्चा के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा
"आज हमें मोहनखेड़ा आने का सौभाग्य मिला। दादा दयालु जी और हनुमान जी के इस पावन क्षेत्र में स्थित जैन तीर्थ में हमने भगवान आदिनाथ ऋषभदेव जी के दर्शन किए और पूज्य संतों को प्रणाम किया। हम पूरे देश में सिर्फ एक ही बात चाहते हैं कि सनातनी आपस में 'तनातनी' न करें और आपस में बिल्कुल न लड़ें। संत भी एकजुट रहें और सनातनी भी एकजुट रहें।
जैन और हिंदू दोनों एक ही हैं; यदि वास्तव में कोई कट्टर हिंदू है, तो वह जैन है। रही बात धर्मांतरण की, तो देश में लैंड जिहाद, लव जिहाद या लालच देकर किया जाने वाला मतांतरण नहीं होना चाहिए। इसके विरुद्ध हम लगातार अपनी कोशिशें कर रहे हैं। इसी उद्देश्य से हम जगह-जगह कथाएं, भंडारा, शिक्षा और स्वास्थ्य के कार्य कर रहे हैं। साथ ही, आगामी 15 फरवरी को बागेश्वर धाम पर होने वाले विशाल कन्या विवाह महोत्सव के लिए भी हमने यहाँ आमंत्रण दिया है। हमारा संकल्प है कि भारत भव्य और दिव्य बनेगा।"
बाइट
बाबा बागेश्वर के पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि जैन धर्म और हिंदू धर्म एक है
मोहनखेड़ा तीर्थ में आदिनाथ ऋषभ देवजी के दर्शन किये दादा दयालु हनुमानजी का यह क्षेत्र हे।
सनातनी परंपरा का आगाज पूरे मध्य प्रदेश में व्यापक तौर पर हे।
इस क्षेत्र की गौ सेवा की निष्ठा अद्भुत है
15 फरवरी को कन्या विवाह का आमंत्रण मैंने दिया है
सनातनी आपस में लड़े ना
सनातनी एक जुट रहे
जैन और हिंदू एक ही है
संत भी एक जुट रहे सनातनी भी एक जुट रहे हैं
अगर जैन और हिंदू दोनों एक ही है
कट्टर हिंदू कोई है तो वह जैन ही है।
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