ॐ नमः शिवाय |Mahashivratri Special Shiv Bhajan | Jai Mahakal | Har Har Mahadev
Автор: Mohini Illusion
Загружено: 2026-02-02
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Описание:
ॐ नमः शिवाय |Mahashivratri Special Shiv Bhajan | Jai Mahakal | Har Har Mahadev
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भोर हुई जब आँखें खुलीं,
शीतल उजास ने मन छुआ…
यह महाशिवरात्रि विशेष भक्ति गीत भगवान शिव शंकर को समर्पित है।
इस रचना में नारी-भाव से शिव की आराधना, समर्पण और शांति का भाव दर्शाया गया है।
यह भजन पारंपरिक भारतीय भक्ति भावना से प्रेरित होकर
AI Music के माध्यम से निर्मित किया गया है,
जिसका स्वर और भाव एक कोमल, प्रातःकालीन शिव आराधना का अनुभव कराता है।
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर,
जब भोर से शिव नाम का स्मरण होता है,
तब हर दिन स्वयं एक महाशिवरात्रि बन जाता है।
🎤 Credits
🎤Singer: Shalini Singh
🎨Studio: Mohini Illusion Studio
🎵 Music: AI Generated Devotional Music
🕉️ Theme: Mahashivratri | Shiv Bhakti
🎬 Edit & Presentation: Sushma Singh
📧 Contact Email: [email protected]
Disclaimer
This devotional content is inspired by traditional bhakti compositions.
Music is AI-generated. No copyright infringement intended.
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Lyrics :
ॐ नमः शिवाय…
ॐ नमः शिवाय…
नील कंठाय शान्ताय…
ॐ नमः शिवाय…
भोर हुई जब आँखें खुलीं,
शीतल उजास ने मन छुआ,
नीले गगन के मौन तले,
तेरा नाम ही साथ हुआ।
जटाओं से गंगा उतरी,
जैसे अमृत बह आया,
हर कण में शिव का वास दिखा,
मन मंदिर मुस्काया।
भोर की हर एक किरण में,
शिव का रूप दिखाई दे,
सांस-सांस में नाम तेरा,
मन को शांति सिखाई दे।
भोर की हर एक किरण में,
शिव का रूप दिखाई दे,
हर दिन मेरा पर्व बने जब,
तेरी छाया छाई रहे।
डमरू की धीमी थापों में,
सुन लूँ जीवन का सार,
भस्म रमाए भोलेनाथ,
तू ही मेरा संसार।
ना कोई भय, ना कोई चिंता,
जब तू संग हो जाए,
तेरे चरणों की धूल लगे,
तो पत्थर भी पिघल जाए।
भोर की हर एक किरण में,
शिव का रूप दिखाई दे,
सांस-सांस में नाम तेरा,
मन को शांति सिखाई दे।
नारी बन कर शीश झुकाऊँ,
श्रद्धा के फूल चढ़ाऊँ,
जल, बेलपत्र, मौन प्रार्थना,
तेरे नाम सजाऊँ।
ना सोना चाहूँ, ना चाँदी,
ना चाहूँ कोई मान,
तेरे ध्यान में खो जाऊँ बस,
यही मेरा वरदान।
कैलाश की शांति जैसे,
मन के भीतर उतर जाए,
तेरे ध्यान की गहराई में,
हर पीड़ा सो जाए।
तू ही शून्य, तू ही सृष्टि,
तू ही आदि, तू अंत,
तेरे बिना कुछ भी ना शिव,
तू ही हर एक तत्व।
भोर की हर एक किरण में,
शिव का रूप दिखाई दे,
हर एक पल में महादेव,
जीवन पथ दिखलाई दे।
भोर की हर एक किरण में,
शिव का रूप दिखाई दे,
तेरे नाम की गूंज में ही,
मेरी आत्मा समाई रहे।
ॐ नमः शिवाय…
मौन में तू, शब्द में तू…
ॐ नमः शिवाय…
नींद में तू, स्वप्न में तू…
दुख की रातें छोटी लगें,
जब तेरा विश्वास जगे,
आँसू भी मोती बन जाएँ,
जब शिव का आशीर्वाद लगे।
टूटे सपने, हारे अपने,
सबको तू अपनाए,
भोलापन ही तेरा गहना,
जो हर मन को भाए।
जीवन की हर साँस बने अब,
तेरा ही जाप,
चलते-चलते थाम ले मुझको,
भोले, तू ही आप।
इस नश्वर देह के पार कहीं,
तेरा धाम दिखे,
शिव से पहले कुछ ना दिखे,
शिव में सब समाहित रहे।
भोर की हर एक किरण में,
शिव का रूप दिखाई दे,
हर जन्म मेरी हर राह में,
तेरा नाम सुनाई दे।
भोर की हर एक किरण में,
शिव का रूप दिखाई दे,
जीवन अर्पण चरणों में,
हे शिव शंकर, कृपा रहे।
ॐ नमः शिवाय…
ॐ नमः शिवाय…
ॐ नमः शिवाय…
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