Urdhva tiryak Vidhi se guna || सूत्र ऊर्ध्वतिर्यक से गुणा | Multiply by Urdhva Tiryak Method | RBSE
Автор: Central Mission
Загружено: 2020-08-07
Просмотров: 131750
Описание:
#vedicmaths #वैदिकगणित
ऊर्ध्वतिर्यग्यभ्याम विधि से गुणा ||
इस वीडियो में आप गुणन की ऊर्ध्वतिर्यग्यभ्याम विधि से गुणा करना सीखेंगे
tiryak guna kaise kare
यह सूत्र दो शब्दों से मिलकर बना होता हैं - 'ऊर्ध्व' तथा 'तिर्यक'। ऊधर्व का अर्थ हैं 'ठीक ऊपर या सीधा या खड़ा' तथा इसकी क्रिया हैं 'ऊपर नीचे लिखे अंकों का गुणन'। तिर्यक का अर्थ हैं 'तिरछा' तथा इसकी क्रिया हैं 'तिरछे लिखे अंकों का गुणन'। सर्वप्रथम अंकों के स्तम्भ बनाकर उनके समूह बनाते हैं।
ऊर्ध्वतिर्यग्भ्याम् सूत्र से गुणा
गुणा
'ऊर्ध्वतिर्यग्भ्याम्' सूत्र से गुणा करना सीखेंगे।
ऊर्ध्व + तिर्यक् + भ्याम् = उर्ध्वतिर्यग्भ्याम् का अर्थ है : ऊर्ध्व और तिर्यक् (दोनों) के द्वारा।
उर्ध्व =सीधा/खड़ा (vertical) तथा तिर्यक् =तिरछा (cross).
यह सूत्र गुणा का एक सामान्य (general) सूत्र है ,अर्थात् इससे किसी भी प्रकार का गुणा किया जा सकता है बल्कि इस सूत्र की सहायता से हम बीजगणितीय गुणा (algebraic product) भी प्राप्त कर सकते हैं.
ऊर्ध्व-तिर्यग्भ्याम्[vertically and crosswise]:
अर्थ: सीधा/ऊर्ध्वाधर और तिरछा/तिर्यक
प्रयोग: संख्याओं के गुणा,बीजगणितीय[algebraic] गुणा ,साथ ही इनके भाग में भी,वर्गमूल ज्ञात करने में.
उदाहरण:--सामान्य गुणा-- 124x235= 2.1=2; 2.2+3.1=7; 2.4+3.2+5.1=19; 3.4+5.2=22; 5.4=20
Повторяем попытку...
Доступные форматы для скачивания:
Скачать видео
-
Информация по загрузке: