HIMALAYAN HIGHWAYS| Largest Village Lankhi Chamoli| लांखी गाँव घाट चमोली| UTTARAKHAND| CHAMOLI
Автор: Himalayan Highways
Загружено: 2021-12-01
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नमस्कार हिमालय हाइवेज के एक और एपिसोड में आपका स्वागत है। पहाड़ी जीवनशैली की कुछ और तस्वीरों को आप तक पहुंचाने के इस सफर में आज हम पहुंचे है घाट विकासखण्ड के गांव लांखी में। भौगोलिक क्षेत्रफल और आबादी के लिहाज से उत्तराखण्ड के सबसे बड़े गांवों की सूची में शामिल लांखी गांव पहाड़ों की जीवनशैली को सहेजे और समेटे हुए है। द्वारी माता के आशीष और भूमियाल देवता की इस जमीन पर लोकसंस्कृति से लेकर धार्मिक आस्था के रंग फिजा में घुले नजर आते है। आइये शुरू करते है जनपद चमोली के सबसे बड़े गांवों में शामिल लांखी गांव का यह सफर अतीत से वर्तमान की यादों के साथ....
पहाड़ी लोकसंस्कृति की इन तस्वीरों के साथ लांखी गांवआपका स्वागत करने को तैयार है। उत्तराखण्ड के सबसे प्राचीन गांवों में शामिल लांखी गांव का इतिहास भी उत्तराखण्ड की वो अनमोल विरासत है जो इसके देवभूमि होने का अहसास करा जाता है। भूमियाल देवता रूप सिंह दानू की इस जमीन में पैदा स्थानीय लोगों ने हमेशा से उत्तराखण्ड में धार्मिक आस्था की जड़ों को मजबूत करने का काम किया है। लांखी गांव की विशाल क्षेत्र में फैली सीमाओं के बीच इतिहास यहां के स्थानीय जीवन को बयां करता है। आप भी जानिए लांखी गांव के इतिहास को स्थानीय लोगों की जुबानी| खूबसूरत पहाड़ों के बीच बसें लांखी गांव में द्वारी माता मंदिर स्थित है जो पौराणिक धार्मिक मान्यताओं को समेटे हुए है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार द्वारी माता से जुड़े रीति-रिवाजों को आज भी पूरी निष्ठा के साथ स्थानीय लोग निभाते है। द्वारी माता की दिवारा यात्रा भी यहां आयोजित होती है जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग हिस्सा लेते है साथ ही इस यात्रा से जुड़ी सभी पारम्परिक रस्मों को पूरा किया जाता है.
विशाल क्षेत्र में फैले लांखी गांव की आबादी 09 अलग क्षेत्रों में निवास करती है जिन्हें तोक कहां जाता है। एक तोक से दूसरे तोक की दूरी काफी ज्यादा है। लांखी गांव की वन सीमाएं चमोली जनपद के थराली देवाल नारायणबगड़ विकासखण्डों को छूती है जो इसके विशाल क्षेत्रफल को बयां करने के लिए काफी है। प्राचीन समय में लांखी गांव के निवासी लम्बी दूरी तय कर अपने इस विशाल क्षेत्रफल में कृषि, पशुपालन और दैनिक जीवनशैली से जुड़ी जरूरतों को पूरा करते थे। पहाड़ों में बुनियादी सुविधाओं के अभाव में कुछ साल पहले तक जीवन जटिल था लेकिन कड़ी मेहनत से स्थानीय लोग इसे सरल बनाते आये है।
लांखी गांव में वर्तमान में सड़क निर्माण का कार्य जारी है और बड़े संघर्षो के बाद लोगों को सड़क का सफर मिला है। स्थानीय ग्राम प्रधान के मुताबिक ग्रामीणों में एकता और एक दूसरे के सहयोग की भावना से बड़े गांव की जिम्मेदारी का निर्वहन करने में उन्हें कोई ज्यादा दिक्कत महसूस नही होती। लांखी गांव में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर समस्या है जिसके समाधान के लिए ग्राम प्रधान भी लगातार संघर्स कर रहे है।
लांखी गांव की लोकसंस्कृति आज भी अपने पौराणिक रूप को समेटे हुए है। लोकगीत ओर पौराणिक लोकनृत्यों की प्राचीन छटा आज भी द्वारी माता के आशीष वाले इस गांव में पूरे उल्लास के साथ दिखती है। आप भी देखिये कैसे स्थानीय लोग पहाड़ों के जीवन का उल्लास और प्रकृति के विभिन्न रंगों को अपने जीवन मे शामिल कर अपने जीवन को सरल और सादगी के साथ आगे बढ़ाते आये है। लांखी गांव के सफर में आज इतना ही जल्द ही एक नए एपिसोड के साथ हम आपके बीच हाजिर होंगे। आपको हमारा यह एपिसोड कैसा लगा कृपया कमेंट कर जरूर बताएं साथ ही हमसे जुड़े रहने के लिए हमारे चैनल को सब्सक्राइब अवश्य करें। नमस्कार|
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