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०९९८ वस्तु स्वभाव कभी मलिन हुवा ही नहीं तो फिर क्रोध आदि कषाय कहाँ दिख रहे हैं ??
०९४० जैसे राग और आत्मा भिन्न है वैसे ही आत्मा और पर्याय भिन्न है क्या ?? सिद्ध कौन है ??
कर्मों की अनादि कालीन सत्ता का नाश करने की विधि
०९२५ समाधि दिन विशेष ! जीव अकर्ता होने पर भी उसे बंध होता है यह कोई अज्ञान की महिमा ही है !
Tujhavin Aamhaa Ase Kon Deva
СИГНАЛ ЗЕЛЕНСКОМУ
The Surprising Truth About शील पालन According to S N Goenka
०९९४ आत्मा की रुचि कैसे हों🤔जीव कों स्व से एकत्व,पर से विभक्त की बात अनादि से क्यों नहीं रुचती 🤔⁉️
नवाचार :- जीते जी किया तेरहवां
प्रवचन सार जी। गाथा 112,113।।
०६२२ मैं परिपूर्ण हूँ लेकिन कैसे 🤔⁉️
०९९७ घी का घड़ा घी स्वरूप है फिर भी घी का घड़ा क्यों ?? आत्मा ज्ञान स्वरूप है, विकारी नहीं !
27-07-2025 सद्गुरू करते हैं शिष्य को स्थिर -ध्यान गुरु शिवाचार्य श्री जी
ПУТИН ГОТОВ ПОДПИСАТЬ МИР. Уиткофф летит в Москву. Канада готовится к сопротивлению США. Трамп Давос
आत्म हित के दस सोपान // डॉ वीरसागरजी जैन दिल्ली
००१ गुरू कहान - दृष्टि महान —- तेरे में अपूर्णता तो नहीं है, अशुद्धता भी नहीं है । विश्वास चाहिये ।
#LIVE- PRAVCHAN#लाइव प्रवचन-
०६८२ भेदज्ञान की अद्भुत कला👍🏻संसार मे किसी भी प्रसंगो मे अनुकूल प्रतिकूल की कल्पना का कारण ⁉️🤔👈
गहरा असर-सत्संग मैं आने का | Impact of Satsang
कर्म क्यों बंधते हैं और कैसे बंधते हैं -आखिर क्या है कर्म सिद्धांत