ब्रह्मदेवै सत || बल मि क्य छौं|| New Garhwali Song Puzzles 1112 || Jagmohan Singh Rawat "Jagmora"
Автор: Jagmora Garhwali Puzzles
Загружено: 2026-03-10
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ब्रह्मदेवै सत || बल मि क्य छौं|| New Garhwali Song Puzzles 1112 || Jagmohan Singh Rawat "Jagmora"
बिरमा डोटी डोट्याळी
थर्प दे रोटी जोन्याळी
ब्रह्मद्यो कत्युरी सोन्याळी
थर्प दे सत्यासति रोतेली
बिरमा डोटी डोट्याळी
थर्प दे रोटी जोन्याळी
हे सतघोड़ी का राजा
डोटी मा थकी बिसा जा
बिरमै सतभूड़ी स्वाळी
थर्प दे सतगौड़ी साळी
बिरमा डोटी डोट्याळी
थर्प दे रोटी जोन्याळी
तेरा छप्पन भोग परळी
रैयां घ्वीड़आंखि करळी
तेरी छप्पन इंचै छाती
च बावन कुमगढ़ै थाती
बिरमा डोटी डोट्याळी
थर्प दे रोटी जोन्याळी
त बारापटिया घाघरै
नौपटिया पगड़ै गाती
बल तेरि बूंगै बुग्याळी
जी रयां जूंगै जुन्ख्याळी
बिरमा डोटी डोट्याळी
थर्प दे रोटी जोन्याळी
जनी सात सालै बिरमा
पोड़ी ब्रह्मदेवै गाळा
तनी ब्रह्मदेवै गळा मा
पोड़ी सात जन्मै माला
बिरमा डोटी डोट्याळी
थर्प दे रोटी जोन्याळी
त ब्रह्मदेवै सात नौनी
ह्वै खडोण्या जनु जोनी
राजै ब्योवै जिंगस्याळी
ह्वै कुलवंशै रिंगरिटाळी
बिरमा डोटी डोट्याळी
थर्प दे रोटी जोन्याळी
बल एकी नौनु ह्वै जांदु
ब्रह्मद्यो पिंडदान ह्वै जांदु
तबल जनी बिरमै मंगणी
ह्वाई खड़गसिंगै निखणी
बिरमा डोटी डोट्याळी
थर्प दे रोटी जोन्याळी
तनी ब्रह्मद्यो बिरमा सणी
भजै की बणे गे कज्यणी
भग्यान होयीं चेली छौं
ब्रह्मदेवै सत बल क्य छौं ?
बोला बोला बल मि क्य छौं ?
शब्दार्थ/भावार्थ
बिरमा- नेपाल के डोटी (पूर्वी गंगा और करनाली दो नदियों के बीच के क्षेत्र को नेपाल में डोटी क्षेत्र कहते हैं, नोट-४) डोट्याळी (डोटी क्षेत्र की भाषा/मातृशक्ति) थर्प दे (स्थापित कर दे) जोन्याळी-: चांदनी ब्रह्मद्यो- ब्रह्मदेव कत्युरी राजा सोन्याळी (सूर्यवंशी) सत्यासति रोतेली (राजा ब्रह्मदेव की सातों की सातों वीरांगनायें बेटियां, जिन्होंने पिता/राज्य की सुरक्षा हेतु आत्म बलिदान दिया सतघोड़ी - सात घोड़ी थकी बिसा जा-आराम करें सतभूड़ी (सात पकोड़ी) स्वाळी (पूरी) सतगौड़ी (सात गायों) की साळी (गौशाला)
तेरा- राजा ब्रह्मदेव के परळी- मलाई घ्वीड़आंखि करळी- मृगनयनी तिरछी नजर वाली बावन कुमाऊं गढ़वाल की थाती (देवस्थान) बारापटिया घाघरा- कुमाऊं के पिथौरागढ़ जिले में अवस्थित बारापटिया क्षेत्र में प्रचलित बारह पट्टियों का राजशाही घाघरा नौपटिया- नौ पट्टी वाली पगड़ की गाती (शरीर) बूंगै (किले) की बुग्याळी- मखमली पठारी क्षेत्र जी रयां- जीवंत युगराज रहे जूंगै जुन्ख्याळी - मूंछों की दबंगई
पड़ी गाळा- गले पड़ना तनी- वैसे ही गळा सात जन्मै माला- वरमाला नौनी- लड़कियां खडोण्या (दफनाने) जनी (जैसी) जोनी (भाग्य वाली) ब्योवै- विवाह की जिंगस्याळी- ज्वलंत इच्छा रिंगरिटाळी- भागादौड़ी
एकी नौनौ- एक ही लड़का मंगणी- सगाई। खड़गसिंगै- बिरमा का मंगेतर निखणी- खाना हराम होना सणी- को भजै की बणे गे कज्यणी- भगा कर बना गया पत्नी वे भग्यान होयीं (ईश्वर को प्यारी हुई) चेली (बेटियां) हैं, *तो बताओ कि तथाकथित कत्यूरी सूर्यवंशी राजा ब्रह्मदेव की सत (सात सती हुई वीरांगनायें) बल वे क्या हैं
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