पापा तो नही रहे,,,अफसर बन सपना पूरा कर रही है बेटियाँ,,,तीन ने CGPSC परीक्षा पास की अब चौथे की बारी
Автор: Baster Network
Загружено: 2024-12-12
Просмотров: 17017
Описание:
पापा तो अब नही रहे पर उनका सपना पूरा कर रही है बेटियां,,,पहली एकाउंट ऑफिसर, दूसरी नायब तहसीलदार और अब तीसरी बेटी बन गई डिप्टी कलेक्टर
कांकेर जिले की बारदेवरी निवासी निधि प्रधान CGPSC परीक्षा में 306 वां रैंक व कैटेगरी अनुसार तीसरा रैंक लाकर डिप्टी कलेक्टर बन गई है,,,इसके पहले 2022 बैच में बड़ी बहन गरिमा प्रधान नायब तहसीलदार बनी एवं उससे बड़ी बहन कृतिका प्रधान 2019 बैच में सासों और 2021 बैच में एकाउंट ऑफिसर का पद हासिल कर ली है,,,इसी तरह एक छोटी बहन धनिष्ठा प्रधान है वो भी महाविद्यालय में पढ़ाई करते हुए अभी से तैयारी में जुट गई है।
डिप्टी कलेक्टर बनी निधि प्रधान ने चर्चा के दौरान बताया कि उनके पापा यादव राम प्रधान एक शिक्षक थे और बहुत स्ट्रिक्ट थे, जिन्होंने हम चारो बहनों कों शुरू से पढ़ाई के क्षेत्र में आगे रखते हुए अधिकारी वर्ग में आने के लिए कहा क्योकि उनका खुद का सपना सिविल सर्विसेज का परीक्षा पास अधिकारी बनना था पर वो परिस्थितियों की वजह से एक शिक्षक मात्र बनकर रह गए और अपना सपना हम चार बहनों में देखते थे। पापा अपना सपना संजोय हमारी पढ़ाई बड़ी जोर शोर से करवा रहे थे कि सन 2018 में उनका निधन हो गया, हम चारो बहनों ने इसके बाद पापा का सपना पूरा करने का जिद रखा जिसका साथ हमारी माँ पूरी तरीके से दे रही है।
पापा का सपना पूरा सबसे पहले बड़ी बहन कृतिका प्रधान ने सासों फिर एकाउंट ऑफिसर बनकर किया फिर मंझली बहन गरिमा प्रधान ने नायब तहसीलदार बनकर किया और अब मैं निधि प्रधान डिप्टी कलेक्टर बन गई हूँ,,,पापा का सपना पूरा कर मुझे अपने आप पर गर्वान्वित महसूस हो रहा है। मेरे परीक्षा परिणाम आने के कुछ दिनों पहले मेरा एक्सीडेंट हो गया था और मेरी दो बुआ मेरा हाल चाल जानने पहुँची थी,,,इसी दौरान परिणाम आया और सभी खुशी से झूम उठे,,,माहौल यह था कि मुझे और मेरी दोनों बुआ को पूरी रात नींद नही आया।
12th पूरा होते ही शुरू कर दी थी तैयारी
निधि प्रधान ने बताया कि 12th की पढ़ाई पूरा कर आगे की पढ़ाई के लिए गुरु घासीदास विश्वविद्यालय में राजनीतिक विज्ञान और उनके सहायक विषयो का चयन किया और साथ ही CGPSC का तैयारी शुरू कर दी थी,,,तैयारियां चल रही थी कि 21 वर्ष की उम्र में स्नातक पूरा हुआ और फार्म भर दिया। तैयारियों के दौरान हरिराम पटेल कोचिंग संस्थान और लाइब्रेरी का मदद लेकर लगातार 12 घंटे पढ़ाई कि और परिणाम चौकाने वाला सामने आ गया है।
टॉप ना करने पर पापा लगाते थे डॉट
निधि प्रधान का कहना है कि बचपन से पापा सभी कक्षाओं में टॉप करने के लिए प्रेरित करते थे और टॉप रैंक ना लाने पर डॉट लगाते थे,,,मैं 12th के बाद neet का परीक्षा देकर चिकित्सा के क्षेत्र में जाना चाहती थी पर पापा के जिद के आगे झुककर बिलासपुर पढ़ाई करने पहुँच गई,,,जहाँ शुरू से ही तैयारियां प्रारम्भ कर बहनों का मदद ली,,,इस दौरान हम तीनो बहनों के बीच टेस्ट प्रतियोगिता होता रहा और ज्यादातर हमने अकेले ही लाइब्रेरी में पढ़ाई किया है।
लाइब्रेरी में बीती छुटिया,,,त्यौहारो में भी कम आते थे घर
निधि प्रधान के अनुसार तैयारी के लिए सुबह 6 बजे तैयार होकर 7 बजे तक लाइब्रेरी पहुँच जाते थे, जो दोपहर 1 से 2 बजे तक पढ़ाई करते थे, 2 बजे लंच के लिए जाकर 3 बजे तक वापस लाइब्रेरी चल देते थे, जो रात में 10 बजे वापसी होती थी, परीक्षा के दिनों में रात में भी पढ़ाई करते थे, कई बार घर मे मम्मी से बात करने के लिए 10 से 12 दिन लग जाते थे और छुट्टियां लाइब्रेरी में बीती है त्योहारों में भी बहुत कम घर आते थे।
Повторяем попытку...
Доступные форматы для скачивания:
Скачать видео
-
Информация по загрузке: