Aurat ko Masjid Jane ki Ijazat Kyun 🧕🕌🧕 Farooq Khan Razvi New Bayan
Автор: React Tqrir
Загружено: 2026-01-09
Просмотров: 4887
Описание:
आज के दौर में औरतों का मस्जिद में जाकर नमाज़ पढ़ना एक अहम और नाज़ुक मुद्दा बन चुका है।
कुछ सुन्नी उलेमा हालात, फ़ितना, भीड़ और समाजी बदलाव को देखते हुए एहतियात की राय देते हैं, जबकि अहले-हदीस उलेमा सहीह हदीस की रोशनी में औरतों को मस्जिद जाने की इजाज़त पर ज़ोर देते हैं।
नबी ﷺ के ज़माने में सहाबियात मस्जिद में नमाज़ पढ़ती थीं, क्योंकि उस दौर में सादगी, पर्दा और अमन था। आज के हालात बदल चुके हैं, इसलिए उलेमा की राय में फर्क नज़र आता है।
इस्लाम एक हिकमत और बैलेंस का दीन है। शरीअत का मक़सद सिर्फ़ हुक्म बताना नहीं, बल्कि समाज को फ़ितने, बिगाड़ और नुकसान से बचाना भी है।
इसीलिए कहा गया कि:
औरतों का मस्जिद में नमाज़ पढ़ना जायज़ है
घर में नमाज़ पढ़ना ज़्यादा अफ़ज़ल है
हालात देखकर फ़ैसला करना इल्म और समझदारी है
यह मसला झगड़े का नहीं, बल्कि इल्म, तहक़ीक़ और समझ का है।
@NoorStories_9 islamic story in Hindi
Повторяем попытку...
Доступные форматы для скачивания:
Скачать видео
-
Информация по загрузке: