Kapalbhati-24/100 Days
Автор: Neeraj Gujjar
Загружено: 2026-02-02
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कपालभाती से कौन सी बीमारी ठीक ...कपालभाति प्राणायाम पेट की मांसपेशियों को सक्रिय कर चयापचय (metabolism) बढ़ाता है, जिससे वजन कम करने, पेट की चर्बी घटाने और पाचन में सुधार करने में मदद मिलती है। यह शरीर को डिटॉक्स (विषाक्त पदार्थ बाहर निकालना) करता है, रक्त संचार सुधारता है, मधुमेह रोगियों के लिए फायदेमंद है, मानसिक तनाव कम करता है और त्वचा पर प्राकृतिक चमक लाता है।
कपालभाति के प्रमुख स्वास्थ्य लाभ:
वजन और चर्बी कम करना: यह मेटाबॉलिज्म तेज करता है और पेट की मांसपेशियों को सिकोड़ने से पेट की चर्बी घटाने में मदद करता है।
पाचन क्रिया में सुधार: पेट के अंगों की मालिश होती है, जिससे पाचन तंत्र मजबूत होता है और पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर होता है।
फेफड़े और सांस की मजबूती: फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है और श्वसन नली से विषाक्त पदार्थ बाहर निकलते हैं।
मधुमेह और आंतरिक अंगों के लिए: यह पेट के अंगों (pancreas, liver, kidney) को उत्तेजित करता है, जिससे मधुमेह (diabetes) और स्टोन या गांठ की समस्या में राहत मिल सकती है।
मानसिक शांति और एकाग्रता: यह तनाव (stress) को कम करता है, मन को शांत करता है और मानसिक एकाग्रता को बढ़ाता है।
त्वचा में चमक: रक्त प्रवाह में सुधार के कारण, यह चेहरे पर प्राकृतिक चमक लाता है।
कपालभाति करने की सही विधि:
सुखासन, पद्मासन या किसी आरामदायक आसन में बैठें, रीढ़ सीधी रखें।
गहरी सांस लें और फिर पेट की मांसपेशियों को अंदर सिकोड़ते हुए झटके से सांस छोड़ें।
सांस लेने पर ध्यान न दें, वह स्वतः ही हो जाएगी (केवल सांस छोड़ने पर ध्यान केंद्रित करें)।
इसे शुरू में 1-2 मिनट करें और धीरे-धीरे समय बढ़ाएं।
सावधानियां (इन्हें नहीं करना चाहिए):
उच्च रक्तचाप (high blood pressure) या हृदय रोग के रोगियों को इसे नहीं करना चाहिए।
गर्भवती महिलाओं को इससे बचना चाहिए।
पेट में अल्सर या सर्जरी के बाद इसका अभ्यास न करें।
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