📍Balaghat MP । Satish Pendam- आदिवासी विचारक ,धर्म के नाम पर विवाद क्यों? संस्कृति पर हमला या सच्चाई
Автор: Birsa Brigade
Загружено: 2026-03-01
Просмотров: 5366
Описание:
देश के प्रमुख मार्गदर्शन सतीश दादा देशज/आदिवासी मालकियत के लिए संघर्ष कर रहे ओर आरोप प्रत्यारोपित, तथाकथित, मंदबुद्धि, संक्रमित, ग्रसित ,लोग सिर्फ अपने ही समूह के वर्चस्व के लिए संघर्ष कर रहे हो।
आदरणीय दादा...धर्म विरोधी रहे है ना, कि गोंड, गोंडवाना और गोंडी संस्कृति का विरोध करते हैं,
क्यों कि धर्म की उपज शरणार्थियों की है।
समाज को तोड़ने वालों को जवाब
जो लोग दादा पेंदाम जी के खिलाफ अनर्गल और झूठी बातें फैला रहे हैं, वे सच में अपनी बुद्धि का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। ये लोग वैचारिक नहीं, बल्कि जाति और धार्मिक मानसिकता के कैदी हैं।
इनकी सोच इतनी सीमित हो चुकी है कि इन्हें पूरा समाज नहीं दिखता सिर्फ गोंड और गोंडी धर्म ही दिखाई देता है। समाज के अधिकार, अस्तित्व और भविष्य की लड़ाई इनकी समझ से बाहर है।
सच्चाई यह है कि छोटी सोच वाले लोग कभी समाज का निर्माण नहीं कर सकते। आज हमारा समाज संख्या में विशाल होते हुए भी कमजोर इसलिए है क्योंकि ऐसे लोग समाज को जागरूक करने वालों पर ही हमला करते हैं।
दादा पेंदाम जी सही कहते हैं
जो लोग धर्म और जाति की दुकान चलाकर अपना स्वार्थ साध रहे थे, आज उनकी दुकानें बंद होने के डर से उनका विवेक खत्म हो गया है। इसलिए वे मुद्दों पर नहीं, व्यक्तियों पर हमला कर रहे हैं।
आदिवासी समाज भ्रमित होने से अच्छा एकता का स्वरूप बने
वैचारिक प्रशिक्षित, विचारधारा का निर्माण करे एकता ही समाज का आधार है...
#BirsaBrigade
Birsa Brigade Live Follow #BIRSABRIGADE
"Official account of Birsa Brigade Fight For Right Org. founded in 1995" Chief Organizer-Satish gokuldas pendam BIRSA BRIGADE (International Mission, Self Respect Movement of Indigenous Peoples, All India Indigenous Students Federation, All India Indigenous Employees Federation, Adivasi Vichar Manch. save tribal movement Indus Nation i.e. Tribal India)
लड़ाई अस्मिता अस्तित्व स्वाभिमान जल जंगल जमीन की ना विधानसभा ना लोकसभा सबसे बड़ी ग्रामसभा मा. सर्वोत्तम न्यायालय ने अपने ऐतिहासिक निर्णय में कहा कि आदिवासी भारत के मूलवासी और मूलमालिक है। वे ही इस देश के सबसे पहले नागरिक है, उन्हे मूलवासी होने का संवैधानिक सम्मान मिलना ही चाहिए भारत पूर्व प्राचीनकाल से कृषि राष्ट्र है, इसलिये यहाँ जल, जंगल, जमीन पूज्यनीय है वास्तव में यही जल, जंगल, जमीन की विचारधारा को दुनिया के अलग-अलग देश के वैज्ञानिकों में मानव केन्द्रित विचारधारा को ही सांस्कृतिक, सामाजिक राष्ट्रवाद और भारत को सिन्धु राष्ट्र कहा है।, सरकार देश की चालक हैं आदिवासी देश मालिक हैं
To Subscribe Birsa Brigade Live YouTube Channel click now at / @birsabrigadelive and stay updated🔔
Birsa Brigade other social media platforms:
☛ Like us on Facebook: / / by
☛ Follow us on Twitter: / https://x.com/BirsaBrigadeoff?t=3wz_r...
☛ Follow us on Instagram: / https://www.instagram.com/birsabrigad...
Повторяем попытку...
Доступные форматы для скачивания:
Скачать видео
-
Информация по загрузке: