धर्म की जय नहीं, अधर्म का नाश ज़रूरी है...
Автор: Ashwini Upadhyay
Загружено: 2026-03-10
Просмотров: 1400
Описание:
क्या केवल समस्याओं की चर्चा करने से समस्याएँ खत्म हो जाती हैं?
अखबार, न्यूज़ चैनल, विधानसभा, लोकसभा और राज्यसभा – हर जगह समस्याओं पर चर्चा होती है, लेकिन क्या आज तक केवल चर्चा से कोई समस्या खत्म हुई है?
इस वीडियो में एक बहुत महत्वपूर्ण सवाल उठाया गया है — हम आज़ाद कैसे हुए यह तो सब सोचते हैं, लेकिन हम गुलाम क्यों हुए इस पर चिंतन क्यों नहीं करते?
जब तक हम अपने इतिहास की गलतियों को नहीं समझेंगे और उनके मूल कारणों को नहीं पहचानेंगे, तब तक भविष्य में वही गलतियाँ दोहराने का खतरा बना रहेगा।
भगवान श्री राम के जीवन से हमें क्या सीख मिलती है?
क्या उनका अवतार केवल धर्म की जय करने के लिए हुआ था या अधर्म के नाश के लिए?
इस वीडियो में रामायण के दृष्टांत से यह समझाया गया है कि केवल धर्म की बात करने से अधर्म खत्म नहीं होता। अधर्म का नाश करना आवश्यक है, और यह कार्य समाज के साथ-साथ शासन व्यवस्था की जिम्मेदारी भी है।
आज भी समाज में कई लोग गौशाला बना रहे हैं, गुरुकुल खोल रहे हैं और सनातन धर्म की सेवा कर रहे हैं। लेकिन एक बड़ा प्रश्न यह है कि जब पहले भी गुरुकुल और गौशालाएँ थीं, तब हम गुलाम क्यों हो गए? इसका उत्तर समझना और उस पर गंभीर चिंतन करना जरूरी है।
इस वीडियो में यह भी बताया गया है कि जिन देशों ने कानून और व्यवस्था को मजबूत बनाया, अधर्म और अपराध पर कठोर कार्रवाई की – वहाँ शांति, समृद्धि और विकास दिखाई देता है।
अगर हमें सच्चा रामराज्य चाहिए तो केवल बातें नहीं, बल्कि मूल समस्याओं को पहचानकर उनका समाधान करना होगा।
यह वीडियो आपको सोचने पर मजबूर करेगा कि
समस्या की चर्चा से ज्यादा जरूरी है समाधान की दिशा में कार्य करना।
Stay Connected With Me On Social Media:
Facebook: / theashwiniupadhyay
Instagram: / ashwiniupadhyayofficial
Twitter (X): https://x.com/AshwiniUpadhyay
#ramrajya #sanatandharma #lordrama #ramayan #dharmavsadharma #indianhistory #hinducivilization #bharat #socialawareness #indianpolitics #truthofhistory #hinduphilosophy #indiadebate #culturalawareness #nationfirst
Повторяем попытку...
Доступные форматы для скачивания:
Скачать видео
-
Информация по загрузке: