Raag-e-Tu 2.0 Modern Semi-Classical Fusion Song, Created with AI
Автор: A&D MUSIC PRODUCTIONS
Загружено: 2026-01-02
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Описание:
Raag-e-Tu 2.0 is a Modern Semi-Classical Fusion / Progressive Rock
Type of Music:
An evolved, more powerful version of Raag-e-Tu with enhanced rock energy and contemporary production.
Electric guitar takes a stronger melodic role while maintaining classical soul.
DISCLAIMER
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TITLE : RAAG-E-TU 2.0
LYRICS
राग-ए-तू”
🌒 प्रस्तावना (तानपुरा भाव + दूर से गिटार):
कुछ प्रेम
सुने नहीं जाते…
वे भीतर
गूँजते हैं।
🎙️ पद्य 1 (शास्त्रीय प्रवाह, शांत):
तेरी आँखों में ठहरा
कोई पुराना सा राग है,
जो सुना नहीं मैंने
पर हर जन्म में पहचाना है।
तेरी चुप में भी
स्वर बहते हैं,
जैसे संध्या में
दीपक खुद जलते हैं।
मैं शब्द खोजता रह गया,
तू धुन बनकर उतर गई।
⚡ पूर्व-मुखड़ा (गिटार की उठान):
मैं था बिखरा, बेसुर सा,
तू आई… और ताल मिल गई।
🔥 मुखड़ा (रॉक + शास्त्रीय भाव, विस्तृत):
**तू कोई गीत नहीं—
तू तो पूरा संगीत है।
जिसमें मैं हर बार
खुद को भूल जाता हूँ।
तू स्वर है, तू लय है,
तू मौन की गूँज है।
मैं बस एक साधक हूँ,
जो तुझमें ही
राग पाता हूँ।**
🎸 अंतराल (इलेक्ट्रिक गिटार – रागनुमा लीड)
🌿 पद्य 2 (भाव गहराता है):
तेरा स्पर्श जैसे
मुरझाए मन में वर्षा,
तेरा नाम लेते ही
ठहर जाती है हर आशंका।
लोग प्रेम को पाते हैं,
मैंने प्रेम को ओढ़ा है।
तू पास हो या दूर कहीं,
तूने हर दूरी को तोड़ा है।
🌊 सेतु (धीरे → उग्र भाव):
यह प्रेम कोई चाह नहीं,
यह साधना है।
यह मिलन नहीं,
यह आत्मा का ठहर जाना है।
⚡🔥 अंतिम मुखड़ा (पूर्ण शक्ति, अमर):
**तू कोई गीत नहीं—
तू तो परंपरा है।
जो समय से पहले थी,
और समय के बाद भी रहेगी।
मैं मिट जाऊँ अगर एक दिन,
तो भी शोर न होगा।
क्योंकि इस ब्रह्मांड में
तेरे नाम का
संगीत चलता रहेगा।**
🌌 अंत (शांत, सत्य):
राग बदले,
युग बदले…
पर तू—
सदैव स्वर में रहे।
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