मनाली शहर की शान माना जाने वाला सुप्रसिद्ध हिडिंबा देवी मंदिर | 4K | दर्शन 🙏
Автор: Tilak
Загружено: 2023-01-20
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श्रेय:
संगीत एवम रिकॉर्डिंग - सूर्य राजकमल
लेखक - रमन द्विवेदी
भक्तों! सादर नमन, वंदन और अभिनन्दन... भक्तों! हिमाचल प्रदेश भारत का एक प्रमुख राज्य है। हिमाचल का शाब्दिक अर्थ बर्फीले पहाड़ों का प्रांत होता है। यहां के हिल स्टेशन काफी मनमोहक और देखने लायक हैं।
हिमाचल प्रदेश में एक नहीं बल्कि कई प्राचीन मंदिर आपको देखने को मिलते हैं शायद इसलिए इस राज्य को देवभूमि भी कहा जाता है। देवभूमि हिमांचल स्थित सैकड़ों प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है हिडिम्बा देवी का मंदिर...
मंदिर के बारे में:
भक्तों माता हिडिंबा मंदिर पर्यटन नगरी मनाली स्थित लगभग 500 साल पुराना मंदिर है | यह मंदिर मनाली की शान है। इसलिए यहां घूमने आने वाले सभी सैलानी माता के दरबार में हाजरी लगाते हैं। माता के दर्शन के लिए प्रांगण में घंटों लंबी लाइन में खड़े होकर श्रद्धालु माता के आगे अपना शीश झुकाते हैं.
हिडिम्बा मंदिर की वास्तुकला:
भक्तों हिडिम्बा देवी मंदिर की खासियत यह है कि इस मंदिर की वास्तुकला पगोडा शैली में है जिसके कारण यह सामान्य मंदिर के काफी अलग और लोगों के आकर्षण का केंद्र है। यह मंदिर लकड़ी से बनाया गया है और इसमें चार छतें हैं। मंदिर के नीचे की तीन छतें देवदार की लकड़ी के तख्तों से बनी हैं और चौथी या सबसे ऊपर की छत का निर्माण तांबे एवं पीतल से किया गया है। मंदिर के नीचे की पहली छत सबसे बड़ी, उसके ऊपर यानि दूसरी छत पहले से छोटी, तीसरी छत दूसरे छत से छोटी और चौथी या ऊपरी छत सबसे छोटी है, जो कि दूर से देखने पर एक कलश के आकार की नजर आती है। हिडिम्बा देवी मंदिर 40 मीटर ऊंचे त्रिशंकु के आकार का है और मंदिर की दीवारें पत्थरों की बनी हैं। मंदिर के प्रवेश द्वार और दीवारों पर सुंदर नक्काशी की गई है। मंदिर में एक लकड़ी का दरवाजा लगा है जिसके ऊपर देवी, जानवरों आदि की छोटी-छोटी पेंटिंग हैं। चौखट के बीम में भगवान कृष्ण की एक कहानी के नवग्रह और महिला नर्तक हैं।
मंदिर का गर्भगृह:
भक्तों हिडिम्बा मंदिर के गर्भगृह में किसी देवी देवता की मूर्ति नहीं है बल्कि गर्भगृह में एक विशाल पत्थर पर देवी हिडिम्बा के पदचिन्ह प्रतिष्ठित हैं जिसे श्रद्धालुगण देवी का विग्रह मानकर पूजते हैं।
मंदिर परिसर:
भक्तों हिडिम्बा मंदिर के परिसर में, मुख्य मंदिर से लगभग सत्तर मीटर की दूरी पर महाबली पांडव भीम और देवी हिडिम्बा के पुत्र घटोत्कच का एक मंदिर है।
हिडिम्बा मंदिर में महोत्सव:
भक्तों हर साल श्रावण के महीने में मंदिर में हिडिम्बा देवी मंदिर में एक उत्सव का आयोजन किया जाता है। माना जाता है कि यह उत्सव राजा बहादुर सिंह की याद में मनाया जाता है जिसने इस मंदिर का निर्माण कराया था। इसलिए स्थानीय लोगों ने इस मेले का नाम बहादुर सिंह रे जातर रखा है| बाद में इस मेले को सरोहनी मेला के नाम से जाना जाने लगा है। यह मेला धान की रोपाई पूरा होने के बाद आयोजित होता है। इसके अलावा नवरात्र के दौरान भी मंदिर में दशहरा महोत्सव का आयोजन होता है जिसमें दर्शन के लिए भक्तों की लंबी लाइन लगती है।
भक्तों इसके अलावा यहां 14 मई को हिडिम्बा देवी का जन्मदिन मनाया जाता है इस अवसर पर यहाँ एक अन्य मेले का आयोजन किया जाता है। इस दौरान स्थानीय महिलाएं डूंगरी संगीत और नृत्य के साथ जश्न मनाती हैं।
मंदिर में पूजा का समय:
भक्तों यह मंदिर बारहों महीने और सप्ताह के सातों दिन खुला रहता है और किसी भी दिन बंद नहीं होता है। हिडिम्बा देवी मंदिर में प्रवेश के लिए किसी तरह की फीस नहीं लगती है। मंदिर सुबह आठ बजे खुलता है और शाम को छह बजे तक बंद हो जाता है। इस दौरान पूजा और दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं और मंदिर को देखने के लिए सैलानी यहां जमा होते हैं। इस मंदिर के अंदर आप बिना किसी रोक टोक के फोटो खींच सकते हैं और दो से तीन घंटे का समय भी बिता सकते हैं।
स्थानीय भोजन:
बंधुओं मनाली एक खूबसूरत हिल स्टेशन है, जो अपने पर्यटकों की हर जरुरत का ख्याल रखता है। आपको मनाली में एक समृद्ध विविधता और मेनू में स्वादिष्ट भोजन के साथ अनगिनत रेस्तरां हैं। आप मनाली में यहां के लोकप्रिय तिब्बती राजवंशों के भोजन का स्वाद ले सकते हैं। इसके अलावा शहर में स्थनीय हिमाचल भोजन काफी मशहूर है।
सबसे अच्छा समय:
बंधुओं अगर आप हिडिम्बा मंदिर के दर्शन के साथ छुट्टी मनाने हेतु कुल्लू जा रहे हैं तो आप के लिए अप्रैल से जून का समय बेहतर है, दर्शन के साथ यहाँ की हरियाली का आनंद लेना चाहते हैं तो आपके लिए जुलाई से नवंबर का समय उचित होगा और यदि आपको दर्शन के साथ साथ बर्फवारी का लुत्फ उठाना चाहते हैं तो आपके लिए दिसंबर से मार्च का समय उचित होगा।
भक्त को भगवान से और जिज्ञासु को ज्ञान से जोड़ने वाला एक अनोखा अनुभव। तिलक प्रस्तुत करते हैं दिव्य भूमि भारत के प्रसिद्ध धार्मिक स्थानों के अलौकिक दर्शन। दिव्य स्थलों की तीर्थ यात्रा और संपूर्ण भागवत दर्शन का आनंद। दर्शन ! 🙏
इस कार्यक्रम के प्रत्येक एपिसोड में हम भक्तों को भारत के प्रसिद्ध एवं प्राचीन मंदिर, धाम या देवी-देवता के दर्शन तो करायेंगे ही, साथ ही उस मंदिर की महिमा उसके इतिहास और उसकी मान्यताओं से भी सन्मुख करायेंगे। तो देखना ना भूलें ज्ञान और भक्ति का अनोखा दिव्य दर्शन। 🙏
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि तिलक किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
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