जागृत, स्वप्न और सुशुप्ति से परे कौन है मैं? | अवस्था त्रय विवेक | अद्वैत वेदांत
Автор: The Spiritual Talk
Загружено: 2026-02-28
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क्या आपने कभी स्वयं से पूछा है—
जब शरीर जागृत है, मन स्वप्न देख रहा है और सब कुछ सुशुप्ति में लीन हो जाता है, तब मैं कौन होता हूँ?
इस गहन आध्यात्मिक वीडियो में हम अवस्था त्रय विवेक के माध्यम से जागृत, स्वप्न और सुशुप्ति—इन तीनों अवस्थाओं का सूक्ष्म निरीक्षण करते हैं और उस साक्षी चैतन्य तक पहुँचते हैं जो इन सबका द्रष्टा है।
यह प्रस्तुति आदि शंकराचार्य की अद्वैत वेदांत परंपरा से प्रेरित है, जहाँ आत्मा को देह, मन और अज्ञान से परे शुद्ध चैतन्य के रूप में जाना जाता है।
इस वीडियो में आप जानेंगे:
जागृत, स्वप्न और सुशुप्ति वास्तव में क्या हैं
स्वप्न और जागृत क्यों दोनों मिथ्या समान हैं
सुशुप्ति में आनंद क्यों होता है फिर भी वह मुक्ति क्यों नहीं
तुरीय अवस्था क्या है और वह जीवन में कैसे प्रकट होती है
साक्षी भाव को दैनिक जीवन में कैसे जिया जाए
यदि आप आत्मज्ञान, ध्यान, वेदांत और आत्मचिंतन के पथिक हैं, तो यह वीडियो आपको शब्दों से परे मौन की ओर ले जाएगा।
देखिए, सुनिए और भीतर उतरिए।
ॐ शांति: शांति: शांति:#अवस्था_त्रय_विवेक
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