|| Part 6 ||जीव का कर्मबंध कर्मक्षय और कर्म का उदय कैसे होता है? || स्थान पुण्य ||
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|Part 7||जीव का कर्मबंध कर्मक्षय और कर्म का उदय कैसे होता है?औषध पुण्य,शयन पुण्य,मन पुण्य,वचन पुण्य
|| Part 16 || 4~5. एकत्व भावना ~ अन्यत्व भावना ||#jainism #jainpravachan
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कर्म क्यों बंधते हैं और कैसे बंधते हैं -आखिर क्या है कर्म सिद्धांत
नमोत्थुणं साधना कीअनंत शुभ तरंगें इस मुद्रा से आपके भीतर प्रवेश करेंगी ।
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