सुरत जब त्रिकुटी पार करती है तो क्या होता है? ओंकार पद का रहस्य खुल गया! Jai Guru Dev Satsang !!
Автор: Jai Gurudev Satsang Sadhna
Загружено: 2026-02-13
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जब साधक की सुरत नौ तत्त्वों के खोल को पार करती है, तब त्रिकुटी में प्रवेश होता है।
वहाँ साँख, घंटा, ओंकार और किंकरी की दिव्य ध्वनियाँ सुनाई देती हैं।
मन, बुद्धि, चित्त और अहंकार अपने-अपने घर लौट जाते हैं…
और केवल शुद्ध सुरत ही शेष रह जाती है।
ओंकार पद में साक्षात्कार के बाद सुरत गुणों से परे हो जाती है।
त्रिकुटी का द्वार खुलता है और ऊपर परब्रह्म का क्षेत्र प्रारंभ होता है।
इस वीडियो में हम जानेंगे —
🔹 नौ तत्त्व क्या हैं?
🔹 त्रिकुटी क्या है?
🔹 ओंकार पद में क्या अनुभव होता है?
🔹 सुरत शब्द का असली घर कहाँ है?
यह मार्ग ही सच्चखण्ड पहुँचने का रास्ता है।
यदि आप भी अंतर की यात्रा करना चाहते हैं तो यह सत्संग अंत तक अवश्य सुनें।
🙏 जय गुरुदेव
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सुरत जब त्रिकुटी पार करती है तो क्या होता है? ओंकार पद का रहस्य खुल गया!
साँख, घंटा और ओंकार की ध्वनि – सुरत की सच्चखण्ड यात्रा का पूरा रहस्य
नौ तत्त्व से परे, त्रिकुटी के पार… सुरत शब्द का असली घर कहाँ है?
ओंकार पद में साक्षात्कार के बाद क्या होता है? गूढ़ संतमत रहस्य
त्रिकुटी खुलते ही क्या दिखता है? परब्रह्म और दशवें द्वार का रहस्य
सुरत जब त्रिकुटी पार करती है तो क्या होता है? ओंकार पद का रहस्य खुल गया! Jai Guru Dev Satsang !!
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