Bank to Bank and Bank to Petty Cash Transaction Entry in Tally PRIME [Hindi] Chapter-6 Day02
Автор: Omitec Computer Institute
Загружено: 2026-01-08
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Описание:
Tally PRIME में Bank to Bank और Bank to Petty Cash एंट्री के लिए मुख्य रूप से Contra Voucher (F4) और Payment Voucher (F5) का उपयोग होता है; बैंक से बैंक ट्रांसफर के लिए Contra (F4) में बैंक (Dr) और बैंक (Cr) एंट्री होती है, जबकि बैंक से पैटी कैश (Cash) में पैसे निकालने के लिए भी Contra (F4) का प्रयोग करते हैं (बैंक Dr, कैश Cr); और पैटी कैश से भुगतान के लिए Payment (F5) वाउचर में पैटी कैश लेजर को Debit और कैश/बैंक लेजर को Credit किया जाता है, ताकि छोटे खर्चों (Petty Expenses) को ट्रैक किया जा सके, जिससे बैंक और कैश दोनों का मैनेजमेंट आसान हो जाता है.
Bank to Bank (एक बैंक से दूसरे बैंक में ट्रांसफर)
यह एक Contra Entry (F4) होती है क्योंकि इसमें कैश शामिल है (बैंक के माध्यम से), कोई इनकम या एक्सपेंस नहीं है.
Gateway of Tally Accounting Vouchers F4: Contra.
Credit (Cr): जिस बैंक से पैसा जा रहा है, उसका लेजर चुनें (जैसे SBI Bank).
Debit (Dr): जिस बैंक में पैसा आ रहा है, उसका लेजर चुनें (जैसे HDFC Bank).
Amount: ट्रांसफर की गई राशि डालें.
Narration: 'Bank to Bank Transfer' लिखें और सेव करें.
2. Bank to Petty Cash (बैंक से पैटी कैश में पैसा निकालना)
यह भी Contra Entry (F4) है, क्योंकि बैंक से कैश (पैटी कैश के लिए) निकल रहा है.
Gateway of Tally Accounting Vouchers F4: Contra.
Credit (Cr): बैंक लेजर (जिससे पैसा निकल रहा है).
Debit (Dr): कैश (Cash) लेजर (जो पैटी कैश फंड के रूप में काम करेगा).
Amount: निकाली गई राशि डालें.
Narration: 'Cash withdrawn for Petty Cash' लिखें और सेव करें.
3. Petty Cash से छोटे खर्चे (Petty Expenses)
पैटी कैश से जब छोटे खर्चे (जैसे स्टेशनरी, चाय-पानी) किए जाते हैं, तो Payment Voucher (F5) का प्रयोग करें.
Gateway of Tally Accounting Vouchers F5: Payment.
Credit (Cr): कैश (Cash) लेजर (क्योंकि कैश जा रहा है).
Debit (Dr): संबंधित खर्चा (जैसे Office Expenses, Stationery Expenses, Travelling Expenses) का लेजर चुनें.
Amount: खर्च की गई राशि डालें.
Narration: 'Petty Expenses for...' लिखें और सेव करें.
सुझाव:
पैटी कैश (Petty Cash) के लिए अलग से एक लेजर (Bank Account के अंतर्गत 'Cash-in-Hand' या 'Petty Cash' नाम से) बनाएं, इससे मैनेजमेंट आसान होता है.
बार-बार छोटे खर्चों के लिए बैंक से कैश निकालने की बजाय, एक बार में कुछ राशि निकालकर उसे कैश लेजर में डालें, फिर वहां से छोटे-छोटे खर्चों की एंट्री करें.
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