Voice disorder kya ?? | आवाज में बदलाव क्या है |
Автор: Safar with Ojha
Загружено: 2026-01-28
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Voice disorder kya ?? | आवाज में बदलाव क्या है |
आवाज संबंधी विकार (Voice Disorder) ऐसी स्थिति है जो स्वरयंत्र (larynx) या वोकल कॉर्ड में समस्याओं के कारण आवाज की पिच, गुणवत्ता या तीव्रता (loudness) को नकारात्मक रूप से प्रभावित करती है। इससे आवाज कर्कश, कांपती हुई, सांस वाली या कमजोर हो सकती है। यह मुख्य रूप से आवाज के अत्यधिक इस्तेमाल, संक्रमण या गले की संरचनात्मक समस्याओं के कारण होता है, जो अक्सर 2-3 सप्ताह से अधिक समय तक बनी रहती है।
वॉइस डिसऑर्डर के मुख्य लक्षण:
कर्कश (Hoarse) आवाज: आवाज का बैठ जाना या भारी होना।
असामान्य पिच: आवाज का बहुत धीमा या बहुत तेज होना।
गले में तकलीफ: बोलते समय दर्द, खिंचाव, या गले में गांठ का अहसास।
सांस वाली आवाज: बोलते समय सांस फूलना या आवाज का धीमा हो जाना।
बोलने में मेहनत: बात करने के लिए बहुत अधिक जोर लगाना।
कारण:
आवाज का अत्यधिक उपयोग: चिल्लाना, गाना या बहुत ज्यादा देर तक बोलना।
संक्रमण या बीमारियां: सर्दी, एलर्जी, या गले में खराश।
संरचनात्मक मुद्दे: वोकल कॉर्ड पर गांठ (nodules), पॉलीप्स (polyps) या सूजन।
तंत्रिका संबंधी मुद्दे: स्पैस्मोडिक डिस्फोनिया जैसी स्थितियां, जो मांसपेशियों में ऐंठन पैदा करती हैं।
उपचार और निदान:
निदान: ईएनटी विशेषज्ञ द्वारा लैरींगोस्कोपी (Laryngoscopy) या स्ट्रोबोस्कोपी (Stroboscopy) परीक्षण।
उपचार: वॉइस थेरेपी (स्पीच थेरेपी), जीवनशैली में बदलाव, दवाएं, या गंभीर मामलों में सर्जरी।
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