आज बुरे हाल में दुनियाँ है सच्चाई तज फसी कपट । स्वर - @ श्री कर्मवीर शास्त्री जी @ । आर्य समाज हिसार
Автор: Vaidik Darpan Hisar
Загружено: 2026-01-20
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Anurag Arya mo. - 7988687245 ( Gurukul Aryanagar Hisar Haryana )
भजन
आज बुरे हाल में दुनियाँ है , आज बुरे हाल में दुनियाँ है ।
सच्चाई तज फसी कपट के , जाल में दुनियाँ है ।।
1 - पाप के खाकर अन्न को , किया है दुषित मन को ।
हजारों रोग है अन्दर , सजाया ऊपर त न को ।
बगल में रखते खंजर , खोजते फिरते अवसर ।
काटते इन्सानों को , ये धन के लालच लेकर ।
जीवन से है दूर मौत की , गाल में दुनियाँ है ।।
2 - ये है मन्दिर का पुजारी , नाम अंगद ब्रह्मचारी ।
यति जी बनकर बैठा , है घर जिसके दो नारी ।
सात लड़की नौ लड़के , भांघ पिता है रगड़ कै ।
ब्यास गद्दी के ऊपर , बैठता रोज अकड़ कै ।
नीच ढोंगरिया लफंगों के फंसी , जाल में दुनियाँ है ।।
3 - सेठ का नाम है भोला , कभी पूरा नहीं तोला ।
काम शैतान के करता , पहन इन्सान का चोला ।
लिप्या चन्दन से माथा , कहै रोजी दें दाता ।
शुद्ध घी के अन्दर भी , ये चर्बी रोज मिलाता ।
ना जाने कब गर्क होवे , भोचाल में दुनियाँ है ।।
4 - जय हो नेता जी आपकी , चाल चलते हो सांप की ।
नईयां डुबन वाली है , सिर पर गठरी है पाप की ।
ये है सरकारी अफसर , भरे रिश्वत से है घर ।
एक लोटा हो तो छान लूं , भंग कुएं के अन्दर ।
`` कर्मठ ʼʼ है सब शियार , शेर की खाल में दुनियाँ है ।।
आज बुरे हाल में दुनियाँ है , आज बुरे हाल में दुनियाँ है ।
सच्चाई तज फसी कपट के , जाल में दुनियाँ है ।।
स्वर - आर्य जगत के सुविख्यात वैदिक भजनोपदेशक आदरणीय @ श्री कर्मवीर शास्त्री आर्य जी @ धर्माचार्य आर्य समाज नागोरी गेट हिसार ( हरियाणा ) भारत । mo. - 9758149584 , 9306252215
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