भँवरवा के तोरे संघवा जाई || bhawrva ke tore sanghwa jai kabir bhajan 🙏🙏🙏
Автор: कबीर वाणी
Загружено: 2026-02-11
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भँवरवा के तोरे संघवा जाई।।2।। टेक
आवे की बेरिया बड़ा खुश होल।।2।।
दुअरा पे बाजे बधाई ।
भँवरवा के तोरे संघवा जाई
जात की बेरिया बड़ा दुख होला।।2।।m
हंस अकेला जाई ।
भँवरवा के तोरे संघवा जाई
डेहरी पकड़ के मेहरी रोवै।।2।।
बाँह पकड़ि सग भाई ।
भँवरवा के तोरे संघवा जाई
अंगना के बिचवा पिताजी रोवैं।।2।।
बबुआ के होगे बिदाई।
भँवरवा के तोरे संघवा जाई
कहत कबीर सुनो भाई साधो।।2।।
यह पद है निर्बानी ।
जो ई पद अर्थ लगावे ,
जगत पार होइ जाई।।2।।
भँवरवा के तोरे संघवा जाई
भँवरवा के तोरे संघवा जाई
भँवरवा के तोरे संघवा जाई
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