Asli Karna | असली कर्ण (Mahabharat Rap) - Ghor Sanatani
Автор: GHOR SANATANI
Загружено: 2025-04-17
Просмотров: 61462
Описание:
#karna #mahabharat #rap
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CREDITS:-
Singer/Rapper/Lyricist/Music/Mix/Master
@GHORSANATANI
Lyrical Video
@LORDSFAM001
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OM
Dhanywad 👏🏻🥰
Lyrics ::-
माँ कुंती का मैं ज्येष्ठ पुत्र
अर्जुन का बड़ा भ्राता हूँ
मैं असली कर्ण हूँ महाभारत का
सत्य लो तुम्हें बताता हूँ
जो बने अधर्मी धर्म छोड़
मर्यादा जब थे भूल गए
चाहे कर्ण द्रोण हो या भीष्म
सब कुरुक्षेत्र में धूल हुए
1).
मेरे सीखे ज्ञान आगे
बड़ा पड़ गया क्रोध
छल कपट हिस्से आया
रहा धर्म का ना बोध
एहसान तले दबके
किया अपनों का विरोध
मेरे भाईयो से ही लेने चला
कैसा प्रतिशोध
अज्ञानी था मैं मूर्ख जो ना
धर्म समझ पाया
द्रौपदी को मैंने क्यों
वैश्य कह बुलाया
सामने थे खड़े विष्णु मेरे
देख नहीं पाया
कौन कर्ण कौन अर्जुन
सब कृष्ण की थी माया
2).
थी कुँवारी मेरी माता
हो गई थी उनसे भूल
अगर पीड़ा मैंने भोगी
उनको भी थे चुभते शूल
उनपे लगे ना कलंक
मुझको इसलिए बहाया
वरना कौन सा है पौधा
दूर करता खुदसे फूल
गुरु द्रोण और कृपाचार्य
से लिया ज्ञान
किंतु मुझको तो बनना
था अर्जुन से महान
जब माँगा ब्रह्मास्त्र गुरु
द्रोण नहीं माने
मैंने स्वार्थ में बनाये गुरु
परशुराम भगवान
3).
पांडवों के पिता चल बसे
हो गये अनाथ
चाहे सारथी ही थे किंतु
पिता का था साथ
माता कुन्ती ने बहाया
राधा माँ का सिर पे हाथ
पांडवों से फिर भी जलता था
वो सारे थे अनाथ
13 वर्ष का वनवास
1 वर्ष अज्ञातवास
फिर भी धर्म नहीं छोड़ा
पांडवों को था विश्वास
दुर्योधन कपटी आया नहीं
हरकतों से बाज
मेरे अनुज भटके वन में
मेरे शीश पर था ताज
4).
अज्ञातवास करने ख़त्म
अर्जुन को ललकारा
भीष्म द्रोण साथ मेरे
और कौरवों का सहारा
महारथी साथ मेरे घेरा
अर्जुन विचारा
किंतु सभी उससे हारे मैं
विराट युध हारा
अर्जुन नर का अवतार
मुझे मुक्ति देने आया
नारायण बने कृष्ण
सारा खेल था रचाया
विराट युध बीच मुझे
अर्जुन ने भगाया
भीम, धृष्टद्युम्न ,सात्यकि
ने मुझको हराया
5).
मैं था लाक्षागृह जलाने वाली
योजना का हिस्सा
मैं ना पांडवों से आगे चाहे
कोई भी हो क़िस्सा
7 कायरों में गिना जाऊ
अभिमन्यु मारा
दिया कपटियो का साथ
और धर्म को नकारा
अर्जुन को दिव्यास्त्र ज्ञान
एक शस्त्र ना चलाया
मेरी मूर्खता ने मेरा पहिया
भूमि में धँसाया
छल से ज्ञान जो भी पाया
रण में काम नहीं आया
सारी माधव की थी माया
मैं ये समझ क्यों नहीं पाया
काश मैं अर्जुन बना होता
मुझे गीता ज्ञान होता
सारी श्रीस्टी का वो मालिक
मेरा सारथी बना होता
Повторяем попытку...
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