सांवरे से प्रीत (Sanware Se Preet)
Автор: LM domy bhakti
Загружено: 2026-02-26
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lyrics:
जग की झूठी माया त्यागी, सांवरे से प्रीत लगा ली।
खाली हाथ गया था दर पे, झोली खुशियों से भर ली॥
ओ मेरे सांवरे, तू ही मेरा मीत है।
हार के जो आया दर पे, उसकी तू ही जीत है॥
रिश्ते-नाते सब देखे हैं, सब मतलब की बातें हैं।
धूप में सब संग चलते हैं, सूनी गम की रातें हैं॥
तूने थामी बांह मेरी, जब दुनिया ने मुख मोड़ा।
सच्चा साया तेरा प्रभु, कभी साथ न तूने छोड़ा॥
यमुना का वो पावन तट हो, अधरों पर मुस्कान तेरी।
मुरली की वो तान सुना दे, मिट जाए थकान मेरी॥
मोर मुकुट की छटा निराली, कुंडल झलके कानों में।
बस तेरा ही नाम गूँजता, मन के बंद मकानों में॥
अकिंचन हूँ, निर्बल हूँ मैं, बस भक्ति का संबल है।
पाप की कीचड़ में ये जीवन, नाम तुम्हारा कमल है॥
करुणा की एक दृष्टि डालो, मिट जाएँ सब संताप प्रभु।
शरणागत की रक्षा करना, काटो भव के पाप प्रभु॥
आँख मूंद कर चलूँ डगर पे, जब तू मेरा सारथी है।
डर क्या उसको जिसका रक्षक, स्वयं जगत का अधिपति है॥
अंधियारे में दीप जला दे, ऐसी तेरी माया है।
भटके हुए राही को तूने, सीधा मार्ग दिखाया है॥
तुझको देखूँ हर चेहरे में, ऐसी मेरी दृष्टि हो।
दीन-हीन की सेवा ही बस, जीवन की समष्टि हो॥
अहंकार का त्याग करूँ मैं, चरणों का दास बनूँ।
श्वास-श्वास में तेरा सिमरन, मन का अटूट विश्वास बनूँ॥
जीवन की ये संध्या जब हो, सांवरा मेरे सम्मुख हो।
नाम तेरा हो जिह्वा पर, और हृदय में महासुख हो॥
छूट जाए ये नश्वर काया, तुझमें ही मिल जाऊं मैं।
तेरी शरण में अमर प्रेम की, गंगा बन बह जाऊं मैं॥
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