Bhagavad Gita: सच्चा योगी कौन है? | समभाव और योगी का रहस्य | Bhagwat Geeta Quotes
Автор: Bhagavad Gita Quotes : Daily New Story
Загружено: 2025-08-28
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भगवद गीता अध्याय 12, श्लोक 18 हमें जीवन का गहरा संदेश देता है—
वही सच्चा योगी है जो मित्र और शत्रु को समान देखता है,
आदर और अपमान में विचलित नहीं होता,
सुख-दुःख, गर्मी-सर्दी में भी स्थिर रहता है,
और आसक्ति से मुक्त होकर जीता है।
इस श्लोक से हम सीख सकते हैं कि जीवन में समभाव ही आंतरिक शांति और सच्चे योग का मार्ग है।
🌿 श्लोक: "समः शत्रौ च मित्रे च तथा मानापमानयोः।
शीतोष्णसुखदुःखेषु समः सङ्गविवर्जितः॥"
👉 अगर आप भी गीता के इन संदेशों को जीवन में अपनाना चाहते हैं, तो इस वीडियो को अंत तक ज़रूर देखें।
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