आगे गाय पाछे गाय | avani ke pad | Chhitswamiji
Автор: PUSHTI ASHTDAL
Загружено: 2025-12-23
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छीतस्वामी अष्टछाप के आठ कवियों में से एक थे, जो पुष्टिमार्ग के प्रमुख कवि थे। उनका जन्म 1515 ईस्वी में मथुरा में हुआ था। वे एक चतुर्वेदी ब्राह्मण परिवार से थे और उनके पिता पंडा थे। छीतस्वामी को गोस्वामी विट्ठलनाथ जी ने "स्वामी" की पदवी दी थी छीतस्वामी के पद बहुत भावपूर्ण और सरस हैं, जिनमें हृदय की पवित्रता और मन की निष्कपटता के दर्शन होते हैं। वे भगवान श्री कृष्ण के अनन्य भक्त थे और उनके पदों में कृष्ण की विभिन्न लीलाओं का वर्णन है।
अष्टछाप के अन्य कवियों की तरह, छीतस्वामी ने भी पुष्टिमार्ग के सिद्धांतों को अपने पदों में व्यक्त किया है, जो शुद्धाद्वैत वेदांत पर आधारित है। उनके पदों में कृष्ण की भक्ति और प्रेम का वर्णन है, जो पुष्टिमार्ग के प्रमुख सिद्धांत हैं
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