#शनिवार
Автор: बगलामुखी उपासक राजीव उपाध्याय
Загружено: 2026-03-07
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माता विपरीत प्रत्यंगिरा (प्रत्यंगिरा देवी) को अत्यंत उग्र और रक्षक शक्ति माना जाता है। उनकी स्तुति से नकारात्मक शक्तियों, तंत्र-बाधा, शत्रु और भय से रक्षा मानी जाती है। नीचे एक प्रसिद्ध विपरीत प्रत्यंगिरा स्तुति/मंत्र दिया जा रहा है:
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🔱 विपरीत प्रत्यंगिरा स्तुति
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं प्रत्यंगिरायै नमः।
सिंहवक्त्रां महाभीमां ज्वालामालावृतां शुभाम्।
कपालमालिनीं देवीं प्रत्यंगिरां नमाम्यहम्॥
कृष्णवर्णां महादेवीं महाकालसमप्रभाम्।
शत्रुनाशकरीं देवीं प्रत्यंगिरां नमाम्यहम्॥
भद्रकालीं महाकालीं सर्वशत्रुविनाशिनीम्।
भूतप्रेतपिशाचादि भयघ्नीं नमाम्यहम्॥
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🔱 बीज मंत्र (अत्यंत शक्तिशाली माना जाता है)
ॐ क्ष्रौं ह्रीं क्लीं ऐं प्रत्यंगिरायै नमः।
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✅ जप विधि (संक्षेप में):
• शनिवार या अमावस्या को जप शुभ माना जाता है।
• काले या लाल आसन पर बैठें।
• 108 बार मंत्र जप करें।
• पहले गणेश और गुरु का स्मरण करें।
⚠️ प्रत्यंगिरा देवी उग्र स्वरूप हैं, इसलिए सिद्धि या विशेष प्रयोग गुरु मार्गदर्शन में ही करना चाहिए।#8492920301
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