अष्टावक्र गीता का पहला श्लोक : तुम्हारा दुःख कहाँ से शुरू होता है?
Автор: Veda Vibes
Загружено: 2026-01-16
Просмотров: 2
Описание:
वीडियो विवरण :
अष्टावक्र गीता का पहला श्लोक —
तुम्हारा दुःख कहाँ से शुरू होता है?
क्या दुःख परिस्थितियों से पैदा होता है या हमारी अपनी गलत पहचान से?
इस वीडियो में हम अष्टावक्र गीता के प्रथम श्लोक के माध्यम से दुःख की जड़ तक पहुँचने का प्रयास करेंगे।
अष्टावक्र ऋषि सीधे और निर्भीक शब्दों में बताते हैं कि मनुष्य का दुःख बाहरी संसार से नहीं, बल्कि “मैं कौन हूँ” की भ्रांति से जन्म लेता है। जब हम स्वयं को शरीर और मन मान लेते हैं, तभी बंधन और पीड़ा शुरू होती है।
इस वीडियो में आप जानेंगे:
अष्टावक्र गीता का प्रथम श्लोक क्या कहता है
दुःख की वास्तविक उत्पत्ति कहाँ से होती है
अज्ञान और आत्म-पहचान का संबंध
पीड़ा से मुक्ति का मार्ग क्या है
आज के जीवन में इस ज्ञान की प्रासंगिकता
यह वीडियो उन सभी के लिए है जो जीवन में बार-बार होने वाले दुःख के कारण को गहराई से समझना चाहते हैं।
👉 वीडियो को अंत तक देखें
👉 पसंद आए तो लाइक करें
👉 चैनल को सब्सक्राइब करें
👉 अपने प्रश्न और विचार कमेंट में साझा करें
अष्टावक्र गीता | आत्मज्ञान | दुःख का कारण | अद्वैत | जीवन दर्शन
Повторяем попытку...
Доступные форматы для скачивания:
Скачать видео
-
Информация по загрузке: