🌿 Species in news (16-30th December 2025) 🌍| NEXT IAS HINDI
Автор: NEXT IAS HINDI
Загружено: 2026-01-10
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📢 Species in News
पूर्वी हिमालय से लेकर लद्दाख के शीत मरुस्थल, पश्चिमी घाट और विश्व के उष्णकटिबंधीय वनों तक — इस सप्ताह की पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी से जुड़ी सबसे महत्वपूर्ण प्रजाति-आधारित घटनाएँ, जो UPSC 2026 की तैयारी के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं। 🌍🕊️🐸
जलविद्युत परियोजनाएँ, पर्यटन दबाव, जलवायु परिवर्तन और मानव गतिविधियाँ — ये सभी घटनाएँ स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं कि आज जैव विविधता संरक्षण किन चुनौतियों का सामना कर रहा है। ये सभी बिंदु परीक्षा दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। 👀
🕊️ श्वेत-उदर बगुला (White-bellied Heron) — लोहित नदी पर प्रस्तावित कलाई-II जलविद्युत परियोजना को पर्यावरणीय स्वीकृति मिलने के कारण चर्चा में है, क्योंकि यह क्षेत्र इस प्रजाति का महत्वपूर्ण आवास है।
यह विश्व की दूसरी सबसे बड़ी बगुला प्रजाति है, जो मुक्त प्रवाह वाली नदियों, आर्द्रभूमियों तथा पूर्वी हिमालयी तलहटी में पाई जाती है।
यह नदी के स्वास्थ्य, मछली आबादी तथा जल गुणवत्ता की संकेतक प्रजाति मानी जाती है।
IUCN स्थिति: गंभीर रूप से संकटग्रस्त | वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972: अनुसूची-I
🐫 द्विकूबड़ बैक्ट्रियन ऊँट (Double-humped Bactrian Camel) — लद्दाख के “मूक योद्धा” पहली बार 77वें गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेते हुए दिखाई देंगे।
यह प्रजाति मध्य एशिया की मूल निवासी है और भारत में लद्दाख की नुब्रा घाटी के शीत मरुस्थल में इसकी सीमित आबादी पाई जाती है।
इसके दो कूबड़ वसा संचय का कार्य करते हैं, जिससे यह –40° सेल्सियस तक के तापमान में जीवित रह सकता है।
IUCN स्थिति: गंभीर रूप से संकटग्रस्त
🐸 गैलेक्सी मेंढक (Galaxy Frog) — केरल के पश्चिमी घाटों में फोटो पर्यटन के अत्यधिक दबाव के कारण सात मेंढकों के लुप्त होने की खबर सामने आई है।
यह मथिकेतन शोला राष्ट्रीय उद्यान की प्रमुख प्रजाति है तथा दक्षिणी पश्चिमी घाटों के आर्द्र सदाबहार वनों में स्थानिक (एंडेमिक) है।
यह प्रकाश के प्रति संवेदनशील होता है और त्वचा के माध्यम से श्वसन करता है।
IUCN स्थिति: संवेदनशील
🦅 पूर्वी शाही गरुड़ (Eastern Imperial Eagle) — शीतकालीन प्रवास के दौरान तमिलनाडु के मुदुमलाई बाघ अभयारण्य में देखा गया।
यह एक बड़ा शिकारी पक्षी है, जो यूरोप और मध्य एशिया में प्रजनन करता है तथा शीतकाल में अफ्रीका, मध्य-पूर्व और दक्षिण एशिया की ओर प्रवास करता है।
इसमें लैंगिक द्विरूपता पाई जाती है, जहाँ मादा आकार में नर से बड़ी होती है।
IUCN स्थिति: संवेदनशील
🐝 अमेज़न की बिना डंक वाली मधुमक्खियाँ (Amazonian Stingless Bees) — पेरू के सातिपो और नौटा क्षेत्रों में अध्यादेश के माध्यम से कानूनी अधिकार प्राप्त करने वाली पहली कीट प्रजाति बनीं।
इनमें डंक नहीं होता और ये उष्णकटिबंधीय पारितंत्र की प्राचीनतम परागणकर्ता प्रजातियों में शामिल हैं।
इनका वितरण विश्व के उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में है, जिनमें भारत के उत्तर-पूर्वी, पूर्वी और दक्षिणी भाग भी शामिल हैं।
मुख्य खतरे: वनों की कटाई, कीटनाशकों का उपयोग, जलवायु परिवर्तन और आक्रामक मधुमक्खी प्रजातियाँ।
📝 UPSC फोकस क्षेत्र:
समाचारों में प्रजातियाँ, IUCN संरक्षण स्थिति, संकेतक प्रजातियाँ, आवास क्षरण, जलविद्युत परियोजनाएँ, स्थानिकता, प्रवास, परागण एवं पारितंत्रीय सेवाएँ — GS पेपर 3 (पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी) के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण।
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