अंबे जी की आरती // Ambbe ji ki Aarti// अंबे तू है जगदंबे काली//
Автор: Gunjan Kushwaha
Загружено: 2026-01-15
Просмотров: 483
Описание:
अंबे तू है जगदम्बे काली आरती ॥
अम्बे तू है जगदम्बे काली,
जय दुर्गे खप्पर वाली ।
तेरे ही गुण गायें भारती,
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती ॥
अम्बे तू है…
जो ध्यावे फल पावे, दुख भय सब मिट जावे।
शरण पड़े जो तेरी, माँ उसके काज सँवारे॥
अम्बे तू है…
सब तेरी महिमा गाएँ, गुण तेरे गुणी गुन गायें।
दासे के दुख हरते, सुख-सम्पत्ति घर लाएं॥
अम्बे तू है…
माँ भक्तों के दुःख हरो, माँ भक्तों के सुख बढ़ाओ।
जो माँ तुमको ध्याता, प्रभु उसके काज बनाओ॥
अम्बे तू है…
भूतो को मारने वाली, सुख संपत्ति देने वाली।
अपने दासों को रखवाली, दुर्गति हारिणि भवानी॥
अम्बे तू है…
दुर्गे संकट हरिणी, दुःख हरणी, सुख करनी।
जय-जय-जय जगदम्बे माता, जो जन तेरे गुण गाता॥
अम्बे तू है…
Повторяем попытку...
Доступные форматы для скачивания:
Скачать видео
-
Информация по загрузке: