Daily Bread | ईश्वरीय भेदों का प्रकाश |Jan(जनवरी)29| परमेश्वर के दास भाई बख्तसिंग के दैनिक सन्देश!
Автор: Yeshu Darshan
Загружено: 2026-01-28
Просмотров: 36
Описание:
Daily Bread | ईश्वरीय भेदों का प्रकाश |Jan(जनवरी)29| परमेश्वर के दास भाई बख्तसिंग के दैनिक सन्देश!
*********************************************************************
जनवरी 29/Jan 29
“इस कारण निर्बुद्धि न हो, पर ध्यान से समझो कि प्रभु की इच्छा क्या है?” (इफिसियों 5:17)
परमेश्वर की इच्छा को कैसे जानना है, इस बात को यदि हम नहीं जानते तो हम मूर्ख अर्थात् नासमझ हैं। क्या आप सच्चाई से यह कह सकते हैं कि प्रतिदिन हर एक आवश्यकता, हर एक समस्या और हर एक विषय के लिये आप परमेश्वर की इच्छा खोज सकते हैं? पवित्र आत्मा के कार्य का यह बाहरी संकेत है कि हमें अगुवाई दे और परमेश्वर की सम्पूर्ण इच्छा जानना सिखाए।
एक दिन मैं कैनेडा देश के वैनकुंवर नामक शहर मैं था, तब एक व्यक्ति ने मुझे टेलिफोन किया और कहा, ‘क्या किसी इतवार के दिन आप आकर हमको परमेश्वर का सन्देश देंगे?’ मैंने कहा, ‘कृपा करके थोड़ी देर इन्तजार कीजिये, मैं अपनी डायरी देखकर आपको बताऊँगा।’ जब मैंने डायरी देखी तो वह दिन खाली था। तब मैंने उत्तर दिया, ‘हाँ, मैं बड़ी खुशी के साथ आकर उस रविवार को संदेश दूँगा।’ मेरे मित्रगण ने इस वार्तालाप को सुना। उन्होंने मुझसे कहा, *‘किसी भी निमंत्रण को स्वीकार करने के पूर्व क्या आप प्रार्थना करके परमेश्वर की इच्छा नहीं खोजते?’ मैंने कहा, ‘प्रार्थना करने की जरुरत नहीं है। मेरे पास जाने के लिए समय है। मैं कोई सांसरिक काम के लिए नहीं जाता हूँ। परमेश्वर का संदेश देना और मेरी गवाही देना यह तो मेरा हक और काम है। परन्तु उन्होंने कहा, ‘आपको क्या मालूम, आपके लिये परमेश्वर की योजना अलग भी हो सकती है।’ मुझे लगा कि वे लोग मेरी गलती खोजने की कोशिश कर रहे थे। इससे मुझे बुरा लगा और दो हप्ते तक मैंने उनसे ‘गुडमार्निंग’ भी नहीं कहा। मैं मेरे मन में गुस्से से भरा हुआ था और उनके साथ बातें नहीं करता था। दो हफ्तों के बाद परमेश्वर ने मेरे कान खींचे और कहा, ‘मेरी इच्छा खोजना तुझे आता है?’ मैंने महसूस किया कि मुझे नहीं आता था।
मैंने चार से पाँच बार पूरी बाइबल को पढ़ लिया था और सांसारिक मौज-मस्ती से सम्पूर्णरीति से मन फिरा चुका था। ऐसी बातों में अब मुझे बिलकुल रूची नहीं थी, पर फिर भी मैं सच्चाई के साथ कह नहीं सकता था कि, ‘परमेश्वर की इच्छा किस रीति से खोजना है, यह मैं जानता हूँ।’ मेरे लिये यह एक अचम्भे की बात थी। इसलिये मैंने कहा, ‘प्रभु, अब से मैं आपकी इच्छा जाने बिना कहीं नहीं जाऊँगा, कोई सभा नहीं चलाऊँगा। कृपा करके आपकी इच्छा खोजना मुझे सिखाये।' और परमेश्वर ने मुझे सिखाया। भारत में या और कहीं कोई मुझसे यह पूछे कि ‘मसीही होने के नाते आपका सबसे बड़ा हक कौन सा है?’ तो मेरा जवाब यह है कि परमेश्वर की इच्छा जानना और उसे पूरा करने का हक्क।
परमेश्वर जब हमारे साथ बोलता है और कहता है कि ‘मार्ग यही है' तब कैसा अद्भुत आनन्द प्राप्त होता है! ऐसा लगता है कि मानो हम स्वर्ग में घूम रहे हैं। चाहे कैसी भी परिस्थितियों में हम हों, परमेश्वर की इच्छा पूरी करने में हमारी सुरक्षा और भलाई है।
******************************************************
#dailybreadhindi
#biblesandesh
#hindibiblemessage
#shortbiblemessage
#hindibiblestudy
#yeshudarshan
#hebronheadquater
#hebronassembly
#brobakhtsingh
Повторяем попытку...
Доступные форматы для скачивания:
Скачать видео
-
Информация по загрузке: