मुक्तिधाम महाकाल मंदिरमे भव्य महाअभिषेक:संभाग भरसे उमड़े श्रद्धालु,1008 रुद्रमंत्रो से गूंजा गर्भगृह
Автор: OM NEWS 24
Загружено: 2026-02-23
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मुक्तिधाम महाकाल मंदिर में भव्य महाअभिषेक: संभाग भर से उमड़े श्रद्धालु, 1008 रुद्र मंत्रों से गूंजा गर्भगृह
पोरसा ,,,,,,,,,,, आज
सोमवार को पोरसा स्थित मुक्तिधाम महालोक गर्भगृह में भगवान महाकाल का भव्य महाअभिषेक एवं विशेष पूजन कार्यक्रम श्रद्धा और आस्था के वातावरण में संपन्न हुआ। संभाग भर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे और भगवान महाकाल के चरणों में जल, दूध और पुष्प अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की।
🌸 महिलाओं ने किया जलाभिषेक, 1008 रुद्र मंत्रों से विशेष अनुष्ठान
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकालीन पूजा से हुई, जिसमें महिलाओं ने भगवान महाकाल का विधिवत पूजन और जलाभिषेक किया। इसके उपरांत वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 1008 रुद्र मंत्रों से विशेष अभिषेक सम्पन्न कराया गया। पूरे गर्भगृह में “हर-हर महादेव” के जयघोष गूंजते रहे।
🙏 संभाग के विभिन्न जिलों से पहुंचे भक्त
इस धार्मिक आयोजन में राजस्थान , मोहगांव सहित ग्वालियर, मुरैना और भिंड से श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल हुए। भक्तों ने भगवान महाकाल की आरती उतारी और फूलों से सजे मंदिर में दर्शन कर मनोकामनाएं मांगीं।
🕉️ डॉ. अनिल गुप्ता के सानिध्य में आयोजन
डॉ. अनिल गुप्ता के सानिध्य में आयोजित इस धार्मिक समारोह में महेश पेंगोरिया, रामधुन बघेल, राजकुमार बाल्मीकि, सोनू गुप्ता, भूरे राठौर, सुरेंद्र जाटव, दीक्षा तोमर सहित बड़ी संख्या में नर-नारी उपस्थित रहे। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं का स्वागत कर प्रसाद वितरण किया।
🔱 भगवान महाकाल का धार्मिक महत्व
भगवान महाकाल, भगवान शिव का एक अत्यंत शक्तिशाली और पूजनीय स्वरूप हैं। “महाकाल” का अर्थ है — कालों के भी काल, अर्थात समय और मृत्यु पर भी जिनका अधिकार है।
भारत में महाकाल की सर्वोच्च प्रतिष्ठा महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के रूप में है, जो बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है। यह ज्योतिर्लिंग उज्जैन में स्थित है और देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन हेतु आते हैं।
📜 पौराणिक मान्यता
पुराणों के अनुसार, उज्जैन नगरी में राक्षस दूषण का आतंक था। भक्तों की रक्षा के लिए भगवान शिव ने महाकाल रूप में प्रकट होकर उसका संहार किया और यहीं ज्योतिर्लिंग रूप में विराजमान हो गए। तभी से महाकाल की पूजा विशेष रूप से की जाती है।
🌺 अभिषेक का महत्व
महाकाल का अभिषेक विशेष रूप से सोमवार और श्रावण मास में अत्यंत फलदायी माना जाता है। जल, दूध, दही, शहद और बेलपत्र से अभिषेक करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है। 1008 रुद्र मंत्रों का जाप विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा और शांति प्रदान करता है।
🌼 भक्तों में दिखा उत्साह
मुक्तिधाम स्थित महाकाल मंदिर को आकर्षक फूलों से सजाया गया था। भक्ति संगीत और मंत्रोच्चार के बीच वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने मन्नत की अर्जी लगाकर परिवार की सुख-समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।
✨ निष्कर्ष
पोरसा मुक्तिधाम महालोक में आयोजित यह महाअभिषेक कार्यक्रम न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपरा का भी सुंदर उदाहरण बना। संभाग भर से पहुंचे भक्तों की सहभागिता ने आयोजन को भव्य और सफल बनाया।
“हर-हर महादेव” के जयघोष के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
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