कर्मयोग में विश्वास और स्वीकार भाव क्यों ज़रूरी है? | Believing and acceptance
Автор: Fit Yogis
Загружено: 2026-02-11
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कर्मयोग सिर्फ़ काम करना नहीं है।
कर्मयोग में आगे बढ़ने के लिए
दो चीज़ें सबसे ज़रूरी हैं:
✔ नियम के प्रति विश्वास (Vishwas)
✔ परिवर्तन के प्रति स्वीकार भाव (Swikar Bhav)
अगर विश्वास नहीं है, तो साधना टूट जाती है।
अगर स्वीकार नहीं है, तो मन संघर्ष में फँस जाता है।
इस वीडियो में आप जानेंगे:
• कर्मयोग में विश्वास का सही अर्थ क्या है
• नियमों पर विश्वास क्यों ज़रूरी है
• जीवन में बदलाव को स्वीकार करना क्यों शक्ति है
• स्वीकार भाव और हार मानना अलग कैसे हैं
• Resistance कैसे नया कर्म बनाता है
• Acceptance कैसे कर्म हल्का करता है
• Practical life में विश्वास और स्वीकार कैसे develop करें
यह वीडियो उन लोगों के लिए है जो:
• कर्मयोग को समझकर जीना चाहते हैं
• हर बदलाव में टूट जाते हैं
• जीवन के नियमों से लड़ते-लड़ते थक चुके हैं
Повторяем попытку...
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