द्वापर युग में पांडवों के द्वारा किया गया इस मंदिर का निर्माण | Jwalamukhi Mandir | Himachal Pradesh
Автор: Tilak Darshan
Загружено: 2024-10-04
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"जय माता दी !! आप सभी का हमारे कार्यक्रम दर्शन में हार्दिक अभिनन्दन... भक्तो, आज हम आपको दर्शन करवाने जा रहे हैं एक ऐसे मंदिर के जहां पर मां शक्ति मूर्ति के रूप में नहीं वरन ज्योति के रूप में विराजमान हैं. जिन्हें जोता वाली माता भी कहा जाता है तो आइये दर्शन करते हैं इस प्राचीन और दिव्य “ज्वालामुखी माता मंदिर” के।
देवी शक्ति के 51 शक्तिपीठो में से एक शक्तिपीठ ""ज्वालामुखी माता मंदिर "" हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा शहर से लगभग 30 किलोमीटर दूरी पर स्थित है, यह भारतवर्ष का एक प्रसिद्ध और प्रमुख मंदिर है इस मंदिर में मा शक्ति स्वरूप ज्वालाएं युगों से जल रही हैं तथा मूल मंदिर का निर्माण द्वापर युग में पांडवों के द्वारा किया गया था... कहा जाता है कांगड़ा के राजा भूमि चन्द कटोच जो मा दुर्गा के परम भक्त थे उनको इस दिव्य स्थान पर देवी के ज्योति स्वरूप स्थित होने क स्वप्न आया था फ़िर् उन्होने अपनी सेना को भेजकर इस स्थान को खोजने को बोला और स्थान का पता लगने पर उन्होने श्री ज्वाला माता के इस मन्दिर क निर्माणं करवाया..
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