जहाँ भी तेज है, वहाँ तू है |
Автор: Learn Advaita Vedanta
Загружено: 2025-10-09
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जहाँ भी तेज है, वहाँ तू है
ओम्...
सा... रे... गा... पा... धा... पा... गा... रे... सा...
सा रे गा — गा पा धा —
धा पा गा — रे सा...
रे गा पा... धा पा गा रे...
सा... नी... सा...
ओम्... ओम्...
जहाँ भी प्रकाश है, वहाँ तू है...
सा रे गा... गा पा धा... धा पा गा रे..
सा... रे... गा... पा... धा... पा... गा... रे... सा...
ओम्... ओम्...
जहाँ भी प्रकाश है, वहाँ तू है,
जहाँ भी प्रेम है, वहाँ तू है...
जहाँ भी तेज है, वहाँ तू है — जहाँ भी प्रेम है, वहाँ तू है।
हर सुंदरता, हर शक्ति में — ओ प्रभु, तेरा ही रूप है।
फूल की खुशबू में तू, पवन की सरगम में तू,
नदी की लहरों में तू, सागर की गहराई में तू।
पर्वत का सौंदर्य भी तेरी ही बात कहे,
सूरज की किरण में तेरा ही तेज रहे।
जहाँ भी सुंदरता है, वहाँ तू है,
*जहाँ भी जीवन है, वहाँ तू है...
जहाँ भी तेज है, वहाँ तू है — जहाँ भी प्रेम है, वहाँ तू है।
हर सुंदरता, हर शक्ति में — ओ प्रभु, तेरा ही रूप है।
सिंह की दहाड़ में तू, शिशु की मुस्कान में तू,
भीष्म की प्रतिज्ञा में तू, मीरा की तान में तू।
वीर के बल में तू, संत की शांति में तू,
हर प्रेमिल हृदय में, तेरी ही भांति में तू।
जहाँ भी शक्ति है, वहाँ तू है,
जहाँ करुणा है, वहाँ तू है...
जहाँ भी तेज है, वहाँ तू है — जहाँ भी प्रेम है, वहाँ तू है।
हर सुंदरता, हर शक्ति में — ओ प्रभु, तेरा ही रूप है।
बुद्ध की वाणी में तू, वेद की ध्वनि में तू,
श्लोकों के अर्थ में तू, मन की अग्नि में तू।
जो समझे सबमें तुझे, वो ज्ञानी कहलाए,
हर शब्द, हर मौन में, तू ही समाए।
जहाँ भी ज्ञान है, वहाँ तू है,
जहाँ भी सत्य है, वहाँ तू है...
जहाँ भी तेज है, वहाँ तू है — जहाँ भी प्रेम है, वहाँ तू है।
हर सुंदरता, हर शक्ति में — ओ प्रभु, तेरा ही रूप है।
हर नेत्र में दीप है, हर हृदय में गीत है,
हर मुस्कान में तेरी करुणा की रीत है।
कोई बड़ा नहीं, कोई छोटा नहीं,
सबमें तू है, कोई दूसरा नहीं।
*जहाँ भी प्रेम है, वहाँ तू है,
जहाँ भी स्नेह है, वहाँ तू है...
जहाँ भी तेज है, वहाँ तू है — जहाँ भी प्रेम है, वहाँ तू है।
हर सुंदरता, हर शक्ति में — ओ प्रभु, तेरा ही रूप है।
जब देखा सबमें तुझे, मिटा भ्रम सारा,
हर रूप तेरा, हर प्राणी प्यारा।
अब आँखें देखती नहीं, बस तेरा ही नाम,
तू ही है संसार, तू ही है राम।
जहाँ भी तेज है, वहाँ तू है,
जहाँ भी मैं हूँ, वहाँ तू है...
जहाँ भी तेज है, वहाँ तू है — जहाँ भी प्रेम है, वहाँ तू है।
हर सुंदरता, हर शक्ति में — ओ प्रभु, तेरा ही रूप है।
Note:
This video created with AI generated Image and Song.
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