VCD-3305, मुक़र्रर रथ के अंदर ही परा प्रकृति लक्ष्मी है और अपरा प्रकृति जगदम्बा भी है। कैसे? समझें
Автор: Shivbaba Points
Загружено: 2026-03-13
Просмотров: 94
Описание:
शिवबाबा मात और पिता दोनो है। यादगार बनाई है शिवलिंग। शिव माने निराकार। पकड़ में आएगा? वो पकड़ में नही आएगा। फिर पकड़ में कौन आएगा? किस से मिलेंगे? हाँ, जो साकार है बड़े ते बड़ी अम्मा है।
👉जिसमे मिलते है, जिसमें प्रवेश करके विज छोड़ते है वो हो गई अम्मा! बिज डालते है ना, उसे धरणी कहा जाता है। तो बड़े ते बड़ी 2 धरणी है। परा प्रकृति और अपरा प्रकृति। एक से काम नही चलेगा।
★ जिसकी याद में बच्चे बैठे है वो मातपिता की याद में बैठे है, क्योंकि पहले नाम लिया जाता है तो पितामात कहा जाता है कि मातपिता कहा जाता है? पहले किसका नाम लेते है? तुम मातपिता हम बालक देते। शिवबाबा के भी मंदिर में जाएंगे ना, दुनिया मे सबसे ज्यास्ती यादगार किसकी मिली? शिवबाबा, शिवलिंग की ही यादगार मिली ना। तो वो शिवबाबा को जो मंदिर में जाएंगे तो सर झुकायेंगे, हाथ जोड़ेंगे तो कहेंगे न मुख से, तुम मातपिता हम बालक तेरे। तो मात और पिता दोनों ही है। कौन? शिवबाबा। शिव माने निराकार। पकड़ में आएगा? वो पकड़ में नही आएगा। फिर पकड़ में कौन आएगा? किस से मिलेंगे? हाँ, जो साकार है बड़े ते बड़ी अम्मा है, छोटा बच्चा है, तो छोटा बच्चा तो बाप को नही पहचानता ना। बाप जब पहली बार उसको गोद मे लेना तो जाना चाहेगा? जाना चाहेगा? जब तक अम्मा न कहे यव तुम्हारा बाप है। तो बाप का परिचय देती है ना। तो एक बार मे परिचय देती है कि बार बार बताना पड़ता है? अम्मा बार बार, कितने साल लग जाते है। शैसो अवस्था में तो वो बच्चा समझता ही नही, जब थोड़ी बुद्धि आती है, तब समझता है। तो बताया, जिसकी याद मे बैठें है तो पूछा किसकी याद में बैठा है तो बच्चों को क्या जवाब देना चाहिए? बेसिक वाले तो जवाब देंगे शिवबाबा, तो एवरलास्टिंग शिवबाबा हुआ? वो ब्रह्मा को समझते है ना। शिव तो निराकार आत्माओ का बाप है। निराकारी स्टेज। और जिसमे प्रवेश करता है जरूर वो साकार। चाहे टेम्पररी हो, चाहे मुक़र्रर रथ धारी हो, नही? हाँ! तो बताया, जिसमे प्रवेश करते है, वह हो गई अम्मा। दुनिया मे भी ऐसे ही होता है ना। रचना रचने के लिए, जिस से मिलते है, और जिसमे प्रवेश करते है, और बीज छोड़ते है, बीज डालते है कि नही? तो जिसमे बीज डाला जाता है, उसको धरणी भी कहा जाता है। धरणी माना धारण करने वाली, बीज धारण करती है। वो एक ही धरणी मानी जाती है दुनिया मे बड़े ते बड़ी, की कोई और भी है धरणी, अरे क्या करते हो? एक ही धरणी है या 2 धरणीया है? एक से ही काम चल जाएगा? 2 चाहिए। कौन-2 से 2? परा प्रकृति, अपरा प्रकृति। लक्ष्मी और जगदम्बा। तो शिव सुप्रीम सोल जिसमे प्रवेश करता है उसे क्या कहें? लक्ष्मी काहे या जगदम्बा है? जगदम्बा का पार्ट धारी है या नही है और लक्ष्मी का भी पार्ट धारी है या नही है? उस मुक़र्रर रथ धारी में दोनों ही है या नही है? एक कहा है और दूसरा कहा है? एक आत्मा हुई लक्ष्मी पराप्रकृति। और शरीर जिसमे वो आत्मा उत्तम ते उत्तम अंग में बैठी हुई है, है ना? वो तो शरीर हुआ ना। भले शरीर का अंग है कि नही उत्तम से उत्तम? तो वो शरीर को क्या कहेंगे? शरीर को कहेंगे भाई देहअभिमान बहुत है। देह है ना, तो देह है तो देह अभिमान है और आत्मा है तो आत्मा अभिमान। तो वो आत्मा हुई पराप्रकृति। परे ते परे रहने वाली प्रकृति उस मुक़र्रर रथ में। और जो शरीर है, वह हुई अपराप्रकृति। अपरा मानें परे ते परे नही है, नीची है। नीची है माने क्या? अरे दोनों माताए तो है तो वो माताको नीचे क्यों कह दी? जो देहभान वली जगदम्बा है वह नीची क्यों है नीची इसलिए है कि उसके 5 रूप है। पृथ्वी, जल, आयु, अग्नि, आकाश। पृथ्वी माना मिट्टी। (time @24.20-31.12) dt 12.07.2020
Повторяем попытку...
Доступные форматы для скачивания:
Скачать видео
-
Информация по загрузке: