पुरानी गली (The Old Street) - एक मासूम सा सफर | Official Song |SongSphere|
Автор: SongSphere
Загружено: 2025-12-26
Просмотров: 60
Описание:
पुरानी गली (The Old Street) - एक मासूम सा सफर | Official Song |SongSphere| #PuraniGali #Nostalgia #B बचपन #NewHindiSong #IndiePop #SoulfulMusic #Memories #SlowedAndReverb #LoFiHindi #OldStreet
"कभी-कभी हम आगे तो बढ़ जाते हैं, पर दिल वहीं रह जाता है... उस पुरानी गली में।" 🏠✨
बचपन की वो बेफिक्र यादें, दोस्तों के साथ वो साइकिल की सवारी और गली के उस पुराने मोड़ की खुशबू—यह गाना उन सभी यादों के नाम है जिन्हें हम अक्सर अपनी भागदौड़ भरी ज़िंदगी में पीछे छोड़ आते हैं। "पुरानी गली" एक सफर है वापस उसी मासूमियत और सुकून की ओर।
अगर आपको भी अपना बचपन याद आया, तो कमेंट्स में अपनी सबसे प्यारी याद हमारे साथ शेयर करें! ❤️
🎵 Audio Credits:
Song: पुरानी गली (The Old Street)
Lyrics & Composition: [Gemini]
Vocals: [Mayank Kumar]
Music Production: Retro-Modern Chill / Lo-fi Style
Instruments: Acoustic Guitar, Harmonica, and Soft Shakers
✨ Lyrics Highlights:
"ले चलो मुझे फिर से, उसी पुरानी गली में,
जहाँ खुशबू छिपी थी, हर एक नई कली में..."
🔔 जुड़े रहें (Stay Connected):
चैनल को Subscribe करें और बेल आइकन दबाएं ताकि आप हमारे अगले सुकून भरे गानों को मिस न करें।
Song lyrics 💥🎶
हल्की (Lo-fi) धुन, दूर से आती बच्चों के खेलने की आवाज़, गिटार के सॉफ्ट कॉर्ड्स
जेब में कुछ सिक्के, और हाथों में पतंग थी
ज़िंदगी उस दौर में, कितनी ज़्यादा दंग थी
वो साइकिल की चेन, वो बारिश का पानी
बिना किसी फिक्र के, चलती थी अपनी कहानी
अब हाथ में ये फ़ोन है, और सिर पे ज़िम्मेदारी
पर दिल आज भी ढूँढता है, वही अपनी पुरानी यारी।
धुंधला सा वो मंज़र, अब याद आता है
वक्त का ये पंछी, पीछे मुड़ के गाता है।
ले चलो मुझे फिर से, उसी पुरानी गली में
जहाँ खुशबू छिपी थी, हर एक नई कली में
ना कोई दिखावा था, ना कोई होड़ थी
सादी सी वो ज़िंदगी, पर सबसे बेजोड़ थी।
(ओह... ले चलो... वहीं फिर से...)
आजकल तो चेहरे, बस स्क्रीन पे दिखते हैं
वो जज़्बात कहाँ? जो बाज़ारों में बिकते हैं
याद है वो बरगद, जिसकी छाँव में हम बैठे थे?
बड़े होने के ख्वाब, हमने वहीं तो देखे थे!
अब बड़े हो गए, तो वो छोटा घर याद आता है
वो बचपन का खिलौना, अब बहुत तड़पाता है।
कल फिर वही दफ्तर, वही काम, वही बातें
पर आज इस महफ़िल में, चलो जी लें ये रातें
दोस्ती की वो खुशबू, आज भी ज़िंदा है...
भले ही हम पिंजरे में हों, पर दिल परिंदा है!
ले चलो मुझे फिर से, उसी पुरानी गली में
जहाँ खुशबू छिपी थी, हर एक नई कली में
ना कोई दिखावा था, ना कोई होड़ थी
सादी सी वो ज़िंदगी, पर सबसे बेजोड़ थी।
वही पुरानी गली...
वही पुराने यार...
बस वहीं रुक जाएँ...
Повторяем попытку...
Доступные форматы для скачивания:
Скачать видео
-
Информация по загрузке: