सिविल मामले में जवाब दावा ,क्या होता है। what is written statement in civil cases, order 8 CPC
Автор: Parameter of law
Загружено: 2023-10-23
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In thisvideo, I am explaining about the written statement order 8 civil procedure code1908, the defendant shall within 30 days from the date of service of summons on him present a written statement of his defence provided that dependent fails to file the written statement the court is of opinion reasons to be recorded in writing but which shall not befile W.S later then 90 days from the date of service of summons. duty of defendant to produce the documents upon which relief is claimed or relies upon by him.
new facts must be specifically denial .particulars of set of to be given in written statement. effect of set of counter claim by defendant .new grounds of defence. subsequent pleadings. procedure when party fails to present written statement called for by court.
इस वीडियो में जो बताया जा रहा है ,कि जब भी कोई व्यक्ति वादी के रूप में द।वा सिविल न्यायालय के समक्ष प्रतिवादी के विरुद्ध प्रस्तुत करता है, तो उसमें विपक्षी को नोटिस तामील होने के बाद उसे जवाब दावा या बाद उत्तर जिसे रिटर्न स्टेटमेंट भी कहा जाता है, वादी के दावे का जवाब 30 दिवस के अंदर न्यायालय में प्रस्तुत करना होता है ।
यदि किसी कारणवश देरी हो जाती है तो अधिकतम 90 दिन के अंदर तथा कमर्शियल कोर्ट आदि में 120 दिन के अंदर WS प्रस्तुत करना चाहिए।
जवाब दावा मैं पैरा वाइस स्पेसिफिक डेनियल या एडमिशन करना होता है। जवाबदावा में वास्तविक तथ्य लिखनी चाहिए, बाद पत्र के जवाब में सारे तथ्यों के बाद स्पेशल प्लीडिंग्स लिखकर सारे अभी वचनों का सत्यापन होना चाहिए, जवाब दावे के साथ दस्तावेज तथा शपथ पत्र भी प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
इस संबंध में बाल गोपाल महेश्वरी वर्सेस संजीव कुमार गुप्ता के बाद में माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि 90 दिन व्यतीत हो जाने के बाद जवाब दावे को रिकॉर्ड पर नहीं लिया जा सकता।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय मैं एडकॉम टेक्नोलॉजी वीएसचुनावाला के मामले मैं भी 90 दिन के अंदर वह जवाब दावा पेश हो जाना चाहिए।
एससी contract limited vs KS चमन कर के मामले में कमर्शियल कोर्ट के केस में 120 दिन के अंदर जवाब दावा रिकॉर्ड पर आ जाना चाहिए।
इस प्रकार प्रतिवादीकरण का दायित्व के नोटिस की तमिल लिखिए 30 दिवस या 90 दिवस या कमर्शियल कोर्ट में 120 दिन के अंदर आवश्यक रूप से जवाब दावा प्रस्तुत कर दें जिससे मामले में प्रगति हो सके।
एक अन्य मामले में देशराज वर्सेस बालकृष्ण के मामले मैं जवाब देने को 25000 ह जे पर रिकॉर्ड पर लिया गयाथा।
#सिविल मामले में जवाब दावा, रिटन स्टेटमेंट क्या होता हैं।
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