Makar Sankranti Story | मकर संक्रांति की सच्ची कथा | Uttarayan Katha
Автор: Live Kesari Nandan
Загружено: 2026-01-13
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Makar Sankranti Story | मकर संक्रांति की सच्ची कथा | Uttarayan Katha
Makar Sankranti Story | मकर संक्रांति की सच्ची कथा | Uttarayan Katha
Makar Sankranti Story | मकर संक्रांति की सच्ची कथा | Uttarayan Katha
Title :- Makar Sankranti Katha
Singer :- Poonam Pandey
Lyrics :- Anil Sharma
Music :- Pritam Rawat
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मकर संक्रांति हिंदू धर्म का एक अत्यंत प्राचीन, वैज्ञानिक और आध्यात्मिक पर्व है। यह पर्व सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इस दिन से सूर्य की गति उत्तरायण हो जाती है, जिसे शास्त्रों में अत्यंत शुभ और पुण्यदायक माना गया है।
🔭 1. ज्योतिषीय और खगोलीय कारण
मकर संक्रांति वह समय है जब सूर्य धनु राशि छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करता है।
यह पर्व सौर पंचांग पर आधारित है, इसलिए यह लगभग हर वर्ष 14 या 15 जनवरी को ही आता है।
उत्तरायण काल को देवताओं का दिन कहा गया है, जबकि दक्षिणायन को रात्रि।
शास्त्रों में कहा गया है कि उत्तरायण में किया गया जप, तप, दान और व्रत विशेष फल देता है।
📜 2. पौराणिक महत्व
🔹 भीष्म पितामह और उत्तरायण
महाभारत के अनुसार भीष्म पितामह ने अपने देह त्याग के लिए उत्तरायण की प्रतीक्षा की थी, क्योंकि इस काल को मोक्ष प्रदान करने वाला माना जाता है।
🔹 सूर्य और शनि का संबंध
मकर राशि के स्वामी शनि देव हैं। सूर्य देव का मकर राशि में प्रवेश यह संदेश देता है कि
अहंकार छोड़कर कर्तव्य, अनुशासन और समन्वय अपनाना चाहिए।
🌾 3. कृषि और सांस्कृतिक महत्व
मकर संक्रांति नई फसल के आगमन का पर्व है।
किसान अपनी मेहनत का उत्सव मनाते हैं और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हैं।
भारत के विभिन्न भागों में इसे अलग-अलग नामों से मनाया जाता है:
तमिलनाडु – पोंगल
गुजरात – उत्तरायण (पतंग उत्सव)
असम – माघ बिहू
उत्तर भारत – खिचड़ी पर्व
🧘 4. वैज्ञानिक और स्वास्थ्य संबंधी कारण
सूर्य की किरणें उत्तरायण में अधिक लाभकारी मानी जाती हैं
तिल शरीर को गर्मी, ऊर्जा और रोग प्रतिरोधक शक्ति देता है
गुड़ रक्त को शुद्ध और पाचन को सुधारता है
ठंड के मौसम में ये खाद्य पदार्थ शरीर को संतुलन देते हैं
🍯 5. तिल और गुड़ का प्रतीकात्मक अर्थ
तिल जीवन की कठिनाइयों का और गुड़ जीवन की मिठास का प्रतीक है।
दोनों साथ मिलकर यह संदेश देते हैं —
“कठिन समय में भी मधुर व्यवहार बनाए रखें।”
🙏 6. दान, स्नान और पुण्य
मकर संक्रांति के दिन:
पवित्र नदियों में स्नान
सूर्य देव को अर्घ्य
तिल, गुड़, वस्त्र, अन्न का दान
शास्त्रों में कहा गया है कि इस दिन किया गया दान अक्षय पुण्य देता है।
✨ निष्कर्ष
मकर संक्रांति केवल एक धार्मिक पर्व नहीं है, बल्कि यह
🌞 प्रकृति और सूर्य के प्रति कृतज्ञता,
🌾 कृषि संस्कृति का सम्मान,
🧘 आध्यात्मिक जागरण,
🤝 सामाजिक समरसता
का पर्व है।
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