लड़ैं परधानी पिया न | गाँव की राजनीति का व्यंग्य गीत | अवधी लोकधुन
Автор: अवधी लोकधुन | Awadhi Lokdhun
Загружено: 2026-01-30
Просмотров: 540
Описание:
यह गीत गाँव की परधानी, चुनावी माहौल और देहाती राजनीति के रोज़मर्रा के सच को व्यंग्य के रूप में प्रस्तुत करता है।
घर-घर वोट माँगना, कागज़-पत्तर, दावतें, वादे और बड़े-बड़े दावे —
गाँव के चुनाव का यह पूरा रंग इस रचना में साफ़ दिखाई देता है।
गीत की प्रस्तुति में लोकभावना, हास्य और यथार्थ का संतुलन है,
जिससे यह कहानी हर उस व्यक्ति को अपनी लगेगी जिसने कभी गाँव का चुनाव नज़दीक से देखा है।
🎤 स्वर : मीना “मृदुल”
📺 चैनल : अवधी लोकधुन | Awadhi Lokdhun
👉 यदि आपको गाँव, लोकगीत, व्यंग्य और देहाती संस्कृति पसंद है,
तो चैनल को सब्सक्राइब करें, वीडियो को लाइक करें
और अपनी राय कमेंट में ज़रूर लिखें।
आपका सहयोग हमें और बेहतर लोकधुन रचने की प्रेरणा देता है।
यह गीत और वीडियो Awadhi Lokdhun चैनल के लिए तैयार की गई मौलिक प्रस्तुति है।
इस वीडियो में कुछ दृश्य AI-generated video clips के माध्यम से रचे गए हैं,
ताकि भाव, माहौल और प्रस्तुति और प्रभावी बन सके।
#AwadhiLokdhun
#अवधी_लोकगीत
#AwadhiSong
#AwadhiFolkSong
#DesiLokgeet
#लोकगीत
#नया_अवधी_गीत
#MeenaMridul
#IndianFolkMusic
#DesiFolkSong
#RuralLife
#VillageCulture
#TraditionalFolk
#AwadhiCulture
#FolkMusicIndia
Повторяем попытку...
Доступные форматы для скачивания:
Скачать видео
-
Информация по загрузке: