घर की कमधंधा 🙂
Автор: Everyday India Life
Загружено: 2026-02-23
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घर की कमधंधा 🙂
यह रही “गुड़ की कहानी” — एक पूरे एक पन्ने की कहानी, आसान और साफ़ हिंदी में, ताकि आप स्कूल के काम में सीधे लिख सकें:
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गुड़ की कहानी
भारत एक कृषि प्रधान देश है। यहाँ गाँवों में गन्ने की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। गन्ने से बनने वाला एक बहुत ही उपयोगी और स्वादिष्ट पदार्थ है — गुड़। गुड़ केवल मिठास ही नहीं देता, बल्कि यह सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है।
एक गाँव में रामू नाम का एक किसान रहता था। उसके पास थोड़ी सी ज़मीन थी, जिसमें वह गन्ने की खेती करता था। पूरे साल वह बहुत मेहनत करता — खेत जोतता, बीज बोता, पानी देता और फसल की देखभाल करता। समय आने पर उसके खेत में हरे-भरे लंबे गन्ने लहलहाने लगते। यह देखकर रामू बहुत खुश होता।
कटाई के बाद वह गन्ने को बैलगाड़ी में भरकर कोल्हू पर ले जाता। वहाँ गन्ने को पेरकर रस निकाला जाता। इस रस को बड़े-बड़े कढ़ाहों में उबालते हैं। धीरे-धीरे रस गाढ़ा होने लगता और उसमें से झाग निकलता रहता। कई घंटों की मेहनत के बाद वही रस गाढ़ा होकर मीठा गुड़ बन जाता।
रामू का बनाया हुआ गुड़ पूरे इलाके में बहुत प्रसिद्ध था। लोग दूर-दूर से उसका गुड़ खरीदने आते। गुड़ से बनी चीज़ें जैसे लड्डू, चाय, खीर और चना बहुत स्वादिष्ट लगते थे। सर्दियों में लोग गुड़ और तिल के लड्डू खाकर शरीर को गर्म रखते थे।
एक दिन गाँव के स्कूल में बच्चों को गुड़ के फायदे बताए गए। मास्टर जी ने कहा कि गुड़ खाने से खून की कमी दूर होती है, पाचन अच्छा रहता है और शरीर में ताकत आती है। बच्चों ने तय किया कि वे सफेद चीनी की जगह गुड़ का प्रयोग करेंगे।
रामू को जब यह बात पता चली तो उसे बहुत खुशी हुई। उसे लगा कि उसकी मेहनत से बने गुड़ से लोगों को फायदा हो रहा है। उसने और ज्यादा मेहनत करने का निश्चय किया।
इस तरह गुड़ न केवल स्वाद बढ़ाता है, बल्कि किसानों की मेहनत और देश की परंपरा का भी प्रतीक है। हमें गुड़ का अधिक उपयोग करना चाहिए और किसानों के परिश्रम का सम्मान करना चाहिए।
शिक्षा: मेहनत और सादगी से बना हर उत्पाद हमारे जीवन को मीठा बनाता है।
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अगर चाहो तो मैं इसे और आसान भाषा, छोटा या बड़ा, या कक्षा के अनुसार भी बना सकता हूँ 😊
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